राजधानी में पिछले सप्ताह डेंगू के 485 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे इस वर्ष डेंगू के कुल मामलों की संख्या 2000 के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि राजधानी में डेंगू का संक्रमण तेज गति से फैल रहा है और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है।
राजधानी में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है और इन बीमारियों ने अब खतरनाक रूप लेना शुरू कर दिया है। एमसीडी ने इस वर्ष पहली बार डेंगू से तीन मौतों की पुष्टि की है, जो जलजनित बीमारियों के प्रकोप को दर्शाता है। पिछले दो सप्ताह की तुलना में गत सप्ताह इन तीनों बीमारियों के मामलों में अच्छी खासी वृद्धि हुई है। विशेष रूप से डेंगू की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।
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राजधानी में पिछले सप्ताह डेंगू के 485 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे इस वर्ष डेंगू के कुल मामलों की संख्या 2000 के पार पहुंच गई है। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि राजधानी में डेंगू का संक्रमण तेज गति से फैल रहा है और स्वास्थ्य विभाग के लिए चुनौती बनता जा रहा है। डेंगू के मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है और स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव पड़ रहा है। मरीजों में प्लेटलेट्स की गिरावट और बुखार के गंभीर मामलों के चलते अस्पतालों में इलाज के लिए लंबी कतारें लग रही हैं।
एमसीडी के चार जोन में गत सप्ताह डेंगू के मामले 50-50 से अधिक सामने आए है। सबसे अधिक नजफगढ़ में 69 डेंगू के मामले प्रकाश में आए। वहीं दक्षिण जोन में 67 और शाहदरा उत्तरी जोन में 65 डेंगू के मामले में दर्ज किए गए, जबकि मध्य जोन में डेंगू के 52 मामले सामने आए। डेंगू का सबसे कम प्रकोप नरेला और रोहिणी जोन में देखने को मिला। इस जोन में डेंगू के मामले 20-20 से भी कम दर्ज किए गए।
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मलेरिया व चिकिनगुनिया मामले भी बढ़े
डेंगू के अलावा मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। पिछले सप्ताह मलेरिया के 81 नए मामले सामने आए, जिससे इस वर्ष मलेरिया के कुल मामले 500 से ऊपर हो गए हैं। मलेरिया की भी बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि मच्छरजनित बीमारियां तेजी से फैल रही हैं और इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही चिकनगुनिया के 14 नए मामले भी दर्ज किए गए हैं।