वहीं, लगातार तीन बार दिल्ली के नगर निगम की सत्ता में बनी रही भाजपा के लिए इस बार चुनौती बड़ी है। उसे अपने पार्षदों पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोप से भी निबटना है तो केजरीवाल की लोकलुभावन नीतियों से भी टकराना है। लेकिन भाजपा का दावा है कि वह इस बार भी निगम में अपनी सत्ता बरकरार रख सकेगी।
दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता खेमचंद्र शर्मा ने अमर उजाला को बताया कि निगम चुनावों में हमारा सबसे बड़ा हथियार केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली के लिए किए गए काम होंगे। केंद्र सरकार ने दिल्ली को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरीफेरल देकर दिल्ली का प्रदूषण कम करने का काम किया था।
अब तीसरा पेरीफेरल रोड बनाकर दिल्ली के ट्रांसपोर्ट को सुगम बनाने में भारी मदद मिलेगी। प्रगति मैदान में हो रहे निर्माण कार्य पूरी दुनिया में दिल्ली का नाम रोशन कराने वाले हैं क्योकि यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्य किया जा रहा है।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली का प्रदूषण कम करने के लिए बजट निर्धारण कर जनता के स्वास्थ्य का ध्यान रखा है, जबकि वहीं अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में आयुष्मान योजना का लाभ न लेने देकर दिल्ली वालों के स्वास्थ्य के साथ बेमानी की है। उन्हें चुनावों में इसकी कीमत चुकानी होगी।
खेमचंद्र शर्मा के मुताबिक पूरी दिल्ली ने देखा है कि केजरीवाल के अपने विभाग दिल्ली जल बोर्ड में 26 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है तो उन्होंने निगमों को उनका बकाया 13 हजार करोड़ नहीं दिया है। ऐसे में जनता देख रही है कि उनके वायदों और कार्यों में कितना अंतर है और ऐसे में उन्हें पूरी उम्मीद है कि जनता भाजपा को ही मौका देगी।