यूपी और हरियाणा में खाप पंचायतों के निर्णय के बाद एक बार फिर से सिंघु बॉर्डर पर जनाधार बढ़ने लगा है। यहां न सिर्फ पंजाब के किसान इकट्ठा हो रहे हैं बल्कि, हरियाणा की ओर से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं। ऐसे में एक बार फिर बॉर्डर पर पुरानी तस्वीर ताजा हो गई है।
रविवार को बॉर्डर पर पड़ोसी राज्यों से आने वाले किसानों का सिलसिला जारी रहा। इसमें हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब के किसान शामिल रहे। हालांकि, पुलिसकर्मियों ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर रखा है, लेकिन इसके बाद भी किसान विभिन्न गांवों से रास्ता बना कर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने भी बॉर्डर पर सुरक्षा और कड़ी कर दी है।
चार किमी पहले लगा दिए लोहे के तार
सिंघु बॉर्डर पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते हुए पुलिस ने करीब चार किलोमीटर पहले ही जर्सी बैरियर के साथ लोहे के तार लगा दिए हैं। यहां तीन परत की बैरिकेडिंग की गई है। अर्द्धसैनिक बल की एक कंपनी को यहां तैनात कर दिया गया है। रविवार को भी यहां कई ट्रक जर्सी बैरियर लाए गए और मुख्य मंच से करीब 500 मीटर की दूरी पर लगा दिए गए। मौके पर मौजूद एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बॉर्डर पर लगातार बढ़ रही भीड़ को देखते आलाकमान ने सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस वजह से मंच के आसपास सुरक्षा के अधिक बंदोबस्त किए जा रहे हैं। असामाजिक तत्वों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
मंच के नजदीक किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने मंच के करीब 500 मीटर दूरी पर ही प्रवेश को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। बैरिकेडिंग के उस पार सिर्फ पुलिस अधिकारी दौरे के लिए आ रहे हैं। पुलिस को डर है कि कहीं किसान एक बार फिर दिल्ली में प्रवेश न कर जाए।
शुरू हुई लंगर सेवा
बॉर्डर पर किसानों की तरफ हालात सामान्य होने के क्रम में लंगर सेवाएं भी दोबारा शुरू हो गई हैं। इससे एक दिन पहले तक कुछ लंगर सेवाएं प्रभावित हुई थी। लंगर सेवाओं में अब पहले की तरह रसद की आपूर्ति भी की जा रही है। वहीं, रविवार को दिल्ली की तरफ से भी कुछ लोग गांव के रास्ते से आंदोलनकारियों को दान के रूप में रसद देने पहुंचे। वहीं, अन्य गतिविधियां भी अब धीरे-धीरे शुरू की जा रही हैं।
सेवा प्रभावित होने से बढ़ी परेशानी
सुरक्षा कारणों से प्रभावित की गई इंटरनेट सेवा के कारण सिंघु बॉर्डर पर इन दिनों स्थानीय लोगों व पुलिस को भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बंद होने की वजह से ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं, लेकिन इंटरनेट की सेवा प्रभावित होने के कारण न ही बच्चों की उपस्थिति दर्ज हो पा रही है और न ही बच्चे पढ़ पा रहे हैं। इस वजह से बच्चों की पढ़ाई का दोहरा नुकसान हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहनाग है कि सरकार को जल्द से जल्द इंटरनेट सेवा बहाल कर देनव्ी चाहिए। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा कारणों से 29 से 31 जनवरी की रात 11 बजे तक इंटरनेट सेवाएं प्रभावित करने का आदेश दिया था।