फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi Mayor Election: कैसे होगा मेयर का चुनाव? पार्षदों के अलावा कौन-कौन करेगा वोट; ये है पूरी प्रक्रिया

Tue, 03 Jan 2023 05:58 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एमसीडी के सदन की बैठक छह जनवरी को होने पर उस दिन चुने जाने वाले महापौर का कार्यकाल मात्र तीन माह का ही होगा।
विज्ञापन
Civic Centre complex in Delhi - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव की तैयारियां पूरी हो गई हैं। सोमवार को एमसीडी आयुक्त ज्ञानेश भारती की निगरानी में निगम सचिव भगवान सिंह ने सिविक सेंटर के ए ब्लॉक में चौथी मंजिल पर स्थित सदन परिसर में पार्षदों के बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की। सदन अध्यक्ष के सामने बेल एरिया में वोटिंग करने के लिए बैलेट बॉक्स भी लगाया गया।

विज्ञापन

एमसीडी की छह जनवरी को सदन की पहली मीटिंग होनी है और इसी दौरान मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव भी होना है। इससे पहले एमसीडी प्रशासन के लिए एकीकृत एमसीडी का चुनाव जीतकर आए 250 पार्षदों के बैठने का इंतजाम करना बड़ी चुनौती थी। सदन परिसर में करीब 300 लोगों के बैठने की जगह है। पहले उत्तरी व दक्षिणी निगम की बैठक इसी सदन परिसर में होती थी तब पूर्ववर्ती इन दोनों निगमों के वार्ड पार्षदों की संख्या 104-104 थी, लेकिन अब पूरी दिल्ली के वार्ड पार्षद एक साथ सदन में मौजूद होंगे। आइए जानते हैं कि सदन में कैसे होगा मेयर का चुनाव...

एमसीडी में कैसे होता है मेयर का चुनाव?
एमसीडी के सदन का कार्यकाल पांच साल का होता है। एमसीडी एक्ट के तहत पहले साल महिला पार्षद को महापौर चुने जाने का प्रावधान है, जबकि उपमहापौर के मामले में कोई नियम नहीं है। वहीं, दूसरे साल महापौर पद पर कोई भी पार्षद चुना जा सकता है, जबकि तीसरे साल मेयर पद अनुसूचित जाति के पार्षदों के लिए आरक्षित है। चौथे व पांचवें साल महापौर पद किसी भी वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है। एमसीडी की सबसे अधिकार वाली स्थायी समिति के अध्यक्ष पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है।

पहले मेयर का कार्यकाल करीब तीन माह का ही होगा
एमसीडी के सदन की बैठक छह जनवरी को होने पर उस दिन चुने जाने वाले महापौर का कार्यकाल मात्र तीन माह का ही होगा। दरअसल डीएमसी एक्ट की धारा दो (67) के अनुसार एमसीडी का अप्रैल माह के प्रथम दिन से वर्ष शुरू होता है। इस तरह 31 मार्च को वर्ष समाप्त हो जाता है। लिहाजा अप्रैल माह में दूसरे महापौर का चुनाव होगा। इस तरह छह जनवरी को चुने जाने वाले महापौर का कार्यकाल करीब तीन माह में ही 31 मार्च को समाप्त हो जाएगा, जबकि महापौर के कार्यकाल की अवधि एक साल होती है।
विज्ञापन

मेयर चुनाव में पार्षदों के अलावा कौन-कौन डाल सकता है वोट?
इस बार परिसीमन के बाद दिल्ली नगर निगम में 250 वार्ड निर्धारित किए गए, जिसमें एक मेयर इसकी अध्यक्षता करेगा। एमसीडी में मेयर बनने के लिए 138 वोट मिलना जरूरी है। दिल्ली मेयर के चुनाव में सभी निर्वाचित 250 पार्षद, दिल्ली के सात लोकसभा सांसद, तीन राज्यसभा सांसद और विधानसभा अध्यक्ष की ओर से 14 मनोनीत विधायक इस मेयर चुनाव में वोट करेंगे।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें