इसके बाद कार चालक ने ब्रेक मारने का प्रयास किया तो युवती टक्कर लगने के बाद कार के आगे गिर गई। बायीं ओर का अगला पहिया युवती पर चढ़ा और वह कार के अंदरूनी पुर्जों में जा फंसी। आरोपियों ने पता होने के बाद भी कार को रोका नहीं। वह कार भगाते रहे। सुनसान जगह देखकर उन्होंने कार से शव को निकाला और उसे सड़क पर फेंककर फरार हो गए। दिल्ली पुलिस इस थ्योरी पर भी काम कर रही है।
मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यदि इस थ्योरी पर यकीन किया जाए तो सवाल यह उठता है कि कार के नीचे इतनी जगह नहीं होती है कि कोई इंसान उसके नीचे जाकर फंस जाए लेकिन इस मामले में आशंका है कि जैसे ही पहिया युवती पर चढ़ा, कार का अगला हिस्सा उठा होगा और युवती उसके नीचे चली गई। युवती का चेहरा ऊपर की ओर रहा और सिर भी अगले पहिये के पास रहा।
कार के नीचे पहले उसके गर्म कपड़ों ने गाड़ी के अंदरूनी हिस्सों के साथ फंदे का काम किया होगा। इसके बाद युवती कार के साथ घिसटती चली गई। सड़क पर रगड़ लगने की वजह से उसके कपड़े धीरे-धीरे शरीर से अलग होने लगे लेकिन उसका शरीर कार में फंस चुका था। मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि पता होने के बाद भी आरोपियों ने कार नहीं रोकी।
बाद में सुनसान जगह देखकर कार को रोका गया। शव को गाड़ी से अलग करने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। चूंकि वारदात के समय आरोपी शराब के नशे में चूर थे, ऐसे में उन्होंने इसकी परवाह भी नहीं की कि उनके साथ क्या होगा लेकिन कई लोग तब तक इसको देख चुके थे उन लोगों ने पुलिस को खबर दी। एक कॉलर ने कार का नंबर भी पुलिस को बताया था। इसके बाद पुलिस आराम से आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस अब इस थ्योरी पर काम कर रही है।