लगभग एक महीने पूर्व दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक में राजधानी के हर ब्लॉक में एक कमेटी बनाने का निर्णय लिया गया था।
इस कमेटी में एक स्वच्छताकर्मी, एक पुलिसकर्मी, एक बीएलओ स्तर का अधिकारी, एक आशा कार्यकर्ता और एक सिविल डिफेंस के कर्मचारी को रखने की बात तय हुई थी। दिल्ली की 13816 के लगभग कमेटियों में इनके बनाए जाने की रुपरेखा तैयार कर ली गई थी।
पूर्वी दिल्ली नगर निगम के प्रमुख अधिकारी संदीप कपूर ने अमर उजाला को बताया कि उनके एरिया में पटपड़गंज, झिलमिल और मंडोली तीन औद्योगिक क्षेत्र आते हैं। अगर उन्हें दिल्ली सरकार से बाजारों, औद्योगिक क्षेत्रों को खोलने की अनुमति मिलती है तो वे इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।
इस समय भी तीनों औद्योगिक क्षेत्रों और पूर्वी दिल्ली के सभी व्यावसायिक क्षेत्रों में सफाई और सैनिटाइजेशन का काम किया जा रहा है। इस समय निगम की 30 मशीनें साफ-सफाई, दवाइयों के छिड़काव और सैनिटाइजेशन के काम में लगी हैं।
इन्हें रोजाना 700 किलोमीटर तक सफाई का काम करना होता है। इसके अलावा नगर निगम के 70 स्कूलों में गरीब लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
एनडीएमसी अधिकारी होलिका टिग्गा ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र के बाजारों को पूरी तरह स्वच्छ और सैनिटाइज किया जा चुका है। बाजारों को सैनिटाइज करने का कार्य निरंतर चलता रहता है।
जैसे ही केंद्र सरकार से इसके बारे में निर्देश प्राप्त होता है, बाजारों को खोला जा सकता है।
आज शुक्रवार को भी व्यापारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें बाजार को खोलने के बाद की परिस्थितियों के बारे में विचार किया गया। ज्यादातर व्यापारियों ने बाजार को ऑज-ईवन योजना के अंतर्गत खोलने पर सहमति जताई।
बाजार खुलने के बाद कोरोना संक्रमण न फैले, इसकी योजनाओं पर भी विचार किया गया। चैंबर्स ऑफ ट्रेडर्स एंड इंडस्ट्री के संयोजक ब्रजेश गोयल ने बताया कि व्यापारी समुदाय बाजार को खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके लिए दुकानों और बाजारों में सैनिटाइजेशन का अभियान चल रहा है।