मुजफ्फरनगर, यूपी निवासी राहुल ठाकुर(22) एम्स का वार्ड बॉय बनकर ठगी करने में लगा हुआ था। वह तीमारदारों को ब्लड देने व नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करता था और पीड़ित से उनके मोबाइल, लैपटॉप व मोटी रकम हड़प लेता था।
पीड़ितों में कोविड समेत अन्य मरीजों के तीमारदार शामिल हैं। आरोपी राहुल दिल्ली के सभी अस्पतालों में ही ठगी करता था और अभी तक करीब 150 से ज्यादा ठगी की वारदात कर चुका है। एम्स में ही वह करीब 30 वारदात कर चुका है। आरोपी के कब्जे से एम्स के वार्ड बॉय का परिचय पत्र बरामद किया गया है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार अक्तूबर महीने में एक पीड़ित युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एम्स के वार्ड बॉय ने उसकी नौकरी लगवाने के नाम पर उससे मोबाइल व पैसे ठगे लिए है। पीड़ित युवक की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया।
एसीपी हौजखास रजनीश खोखर व थानाध्यक्ष अक्षय कुमार की देखरेख में एसआई तालिब खान, एसआई विशाल तिवारी व सिपाही अमर की टीम मामले की जांच कर रही थी। इस टीम ने मोबाइल सर्विलांस आदि की जांच के बाद आरोपी राहुल ठाकुर को सोमवार को पुलप्रह्लादपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी पीड़ित को अपना एम्स का वार्ड बॉय का फर्जी परिचय पत्र दिखाता। इसके चलते पीड़ित इस पर विश्वास कर लेते थे। ये दिल्ली के एम्स, सफदरजंग, बाड़ा हिंदूराव व आरएमएल अस्पताल में ठगी की वारदात करता था।
एम्स में ही ये 25 से 30 ठगी की वारदात कर चुका है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जब ये करीब 13-14 वर्ष का था तब ये यूपी से भागकर दिल्ली आ गया था और तभी से ये ठगी की वारदात कर रहा है। दिल्ली पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी के पास एम्स के वार्ड बॉय का परिचय पत्र कहां से आया। कहीं कोई एम्स का कर्मचारी तो इससे मिला हुआ तो नहीं है।