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दिल्ली: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के दोषी युवक को सात साल की सजा

Wed, 05 Feb 2020 10:38 PM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दोषी को सात साल की जेल - फोटो : PTI
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दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी युवक को दोषी ठहराते हुए सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि युवक ने घटना के वक्त खुद के नाबालिग होने का दावा किया था। लेकिन इस दावे को साबित नहीं कर पाने पर अदालत ने उसे सजा सुनाई।

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न्यायमूर्ति विभू बखरू ने दोषी ठहराए गए युवक को आईपीसी की धारा 376 और पोक्सो के तहत न्यूनतम 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए कहा कि घटना के वक्त दोषी युवक नाबालिग नहीं हो सकता। पीठ ने कहा कि अभियुक्त ने न तो निचली अदालत और न ही हाईकोर्ट में खुद के नाबालिग होने का मामला उठाया। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता के नॉमिनल रोल के तहत वर्तमान में उसकी उम्र 23 साल है, इसलिए जिस दिन यह घटना हुई उस दिन वह 17 साल का नहीं हो सकता।  

हालांकि, पीठ ने निचली अदालत द्वारा दी गई 10 साल की कैद की सजा को घटाकर 7 साल कर दिया। अदालत ने कहा कि जेजे अधिनियम के तहत दुष्कर्म एक नृशंस अपराध है और इसके लिए न्यूनतम 7 साल की सजा का प्रावधान है। अगर 16 साल से अधिक उम्र का कोई व्यक्ति नृशंस अपराध करता है (जैसा कि इस मामले में) तो धारा 15 के तहत यह प्रावधान है कि जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड इस तरह के बच्चे की मानसिक और शारीरिक स्थिति की जांच कर प्राथमिक आकलन कर सकता है कि वह इस तरह का अपराध कर सकता है या नहीं। 
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अगर बोर्ड को लगता है कि बच्चे पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने की जरूरत है तो उस पर बाल अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा। अदालत ने इस मामले के तथ्यों और पेश सबूतों की विस्तृत जांच की और कहा कि अभियोजन पक्ष का मामला अविश्वसनीय है। कोर्ट ने कहा कि लड़की के बयान बदलते रहे हैं और इस बात के कोई संकेत नहीं हैं कि इस घटना के दौरान उसे किसी तरह की शारीरिक चोट पहुंची। लेकिन, चूंकि लड़की नाबालिग है, इसलिए अदालत यह मानती है कि लड़की की सहमति का सवाल ही नहीं उठता और आरोपी दुष्कर्म का दोषी है। 

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