लेडी श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की बीएससी ऑनर्स मैथमेटिक्स(दूसरे वर्ष) की छात्रा ऐश्वर्या के आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या करने के बाद अब कॉलेज परिवार की मदद के लिए आगे आया है। कॉलेज प्रशासन ने मृतक छात्रा के परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए प्रयास शुरु किए हैं।
कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष अरुण भरत ने इसके लिए वित्तीय योगदान देने के लिए कॉलेज को प्रतिबद्ध किया है। मृतक छात्रा ने फ्री शिप के लिए आवेदन किया था। कॉलेज ने काफी विचार-विमर्श के बाद 24 अप्रैल को उसकेखाते में 12 हजार रुपये का भुगतान भी किया था।
कॉलेज ने मृतका के परिवार से गहरी संवेदना व्यक्त की है। एलएसआर को कॉलेज की छात्रा के निधन की खबर 03 नवंबर को मिली थी। मृतका मार्च के दूसरे सप्ताह से कोरोना संक्रमण के कारण हॉस्टल बंद होने के बाद से अपने गृहनगर रह रही थी।
कॉलेज ने अपनी वेबसाइट पर इस मामले से जुड़े तथ्यों को साझा किया है। कॉलेज की ओर से कहा गया है कि कॉलेज रिकॉर्ड के सत्यापन केअनुसार छात्रा द्वारा इस बात की सूचना नहीं थी कि वह विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से दी जाने वाली इंस्पॉयर छात्रवृत्ति की प्राप्तकर्ता थी।
ऐसे में कॉलेज इस मामले में कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। हॉस्टल के मामले पर कॉलेज ने कहा है कि जब छात्रों ने दाखिला लिया तो उन्हें जानकारी दी गई थी कि हॉस्टल केवल एक वर्ष के लिए ही दिया जाएगा।
वास्तव में, कुछ छात्र जिन्हें छात्रावास मिला उन्होंने इसे लेने से मना कर दिया क्योंकि यह केवल एक वर्ष के लिए था। यह फैसला केवल पहले वर्ष केछात्रों केलिए था। अर्थात, वर्तमान द्वितीय वर्ष के छात्रों को अपने तीसरे और अंतिम वर्ष के लिए भी छात्रावास की सुविधा जारी रहेगी।
छात्रों की सहायता के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था की थी
कहा जा रहा है कि छात्रा आर्थिक तंगी के कारण तनाव में थी। कॉलेज का कहना है कि छात्रों की सहायता और सलाह देने के लिए मान्यता प्राप्त काउंसलर की व्यवस्था है। देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान कॉलेज ने इस व्यवस्था को ऑनलाइन रखा और कॉलेज की वेबसाइट पर मेल काउंसलरों के मोबाइल नंबर, मेल आईडी व समय को प्रदर्शित किया। जिससे कि छात्र सहायता ले सकें।
आइसा न्याय के लिए 12 नवंबर को प्रदर्शन करेगा
ऑल इंडिया स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन(आइसा) ने ऐश्वर्या को इंसाफ दिलाने के लिए 12 नवंबर को राष्ट्रीय व्यापी प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। आइसा का कहना है कि परिवार छात्रवृत्ति की राशि व उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। वहीं छात्र संगठन एआईडीएसओ ने भी छात्रा की बकाया छात्रवृत्ति तुरंत जारी करने की मांग की है। संगठन का कहना हैकि वह पहले भी स्कॉलरशिप में देरी की बात को उठाते रहे हैं।