मुख्यमंत्री को भेजे गए इस्तीफे में मनीष सिसोदिया ने कहा है कि उनके ऊपर कई एफआईआर दर्ज हैं और कई मामले दर्ज करने की तैयारी भी है। डराकर, लालच देकर तोड़ने की भी कोशिशें नाकाम होने पर गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया है।
सिसोदिया ने आगे लिखा है कि उनको जेल जाने का कोई डर नहीं है। जितने भी आरोप लगे हैं, समय के साथ उनकी सच्चाई सामने आएगी और सारे आरोप झूठे साबित होंगे। उनका मानना है कि जेल में डाल दिए जाने के बाद अब मंत्री पद पर रहने की उनकी इच्छा नहीं है। तभी मुख्यमंत्री को त्यागपत्र भेजने की बात उन्होंने कही है।
साथ ही मुख्यमंत्री से इसे स्वीकार करने की गुजारिश भी की है। इसी तरह का एक पत्र सत्येंद्र जैन ने भी मुख्यमंत्री को भेजा। दोनों वरिष्ठ मंत्रियों का इस्तीफा मिलने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे स्वीकार भी कर लिया है।
बता दें कि मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने दिल्ली की नई आबकारी नीति (2021-22) घोटाला मामले में गिरफ्तार किया था, जिसके बाद सोमवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने उन्हें चार मार्च तक की सीबीआई रिमांड में भेज दिया था। वहीं, सत्येंद्र जैन को 30 मई को गिरफ्तार किया गया था और फिलहाल वह तिहाड़ जेल में बंद हैं।
मनीष सिसोदिया के पास थे 18 विभाग
इनमें शिक्षा, वित्त, योजना, भूमि और भवन, सेवाएं, पर्यटन, कला-संस्कृति और भाषा, जागरूकता, श्रम और रोजगार, लोक निर्माण विभाग के अलावा स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, गृह, शहरी विकास, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण व जल विभाग शामिल हैं। सिसोदिया दिल्ली सरकार में सबसे प्रभावशाली मंत्री थे। राज्य सरकार के सभी बड़े मंत्रालय उन्हीं के पास थे। सिसोदिया सीएम केजरीवाल के सबसे भरोसेमंद नेता हैं।
सत्येंद्र जैन के छह विभाग भी सिसोदिया के पास थे
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद उनके छह विभाग भी सिसोदिया ही संभाल रहे थे। सत्येंद्र जैन दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। गिरफ्तारी के करीब नौ महीने बाद जैन ने अपने मंत्री पद से इस्तीफा दिया है।