दिल्ली नगर निगम सदन की बैठक अब 24 जनवरी को होगी, जिसके लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मंजूरी दे दी है। 24 जनवरी को ही पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी और मेयर, डिप्टी मेयर व स्टैंडिंग कमेटी के 6 सदस्यों का भी चुनाव होगा।
गौरतलब है कि निगम ने उपराज्यपाल को 30 जनवरी का प्रस्ताव भेजा था। वहीं उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 24 जनवरी का प्रस्ताव दिया था। एलजी ने उपमुख्यमंत्री के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए बैठक के लिए 24 जनवरी की तारीख तय की है।
इससे पहले छह जनवरी को मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव के लिए बुलाई गई सदन की बैठक में जमकर हंगामा हुआ था, जिसके कारण मेयर का चुनाव नहीं हो पाया था।
26 जनवरी से पहले क्यों मेयर चुनाव चाहती है आम आदमी पार्टी
एमसीडी के महापौर का चुनाव होने में देरी का सत्तारूढ़ दल को खामियाजा भुगतना पड़ेगा, क्योंकि वह एमसीडी के आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में अपने चुनावी वादे पूरा करने का प्रावधान नहीं करा सकेगा। इस मामले में सत्तापक्ष को एक साल तक इंतजार करना पड़ेगा।
दरअसल एमसीडी के नियमों के तहत उसका बजट 25 जनवरी तक सदन में पहुंच जाना चाहिए। एमसीडी के नियमों के अनुसार नए वित्तीय वर्ष के बजट प्रस्ताव आयुक्त की ओर से 8 दिसंबर तक स्थायी समिति में प्रस्तुत करने होते हैं। इस वर्ष स्थायी समिति व सदन गठित नहीं होने के कारण आयुक्त ने विशेष अधिकारी के समक्ष 8 दिसंबर को बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किए थे। इस दौरान विशेष अधिकारी ने कहा था कि एमसीडी के चुनाव होने के साथ-साथ उसका परिणाम आ चुका है।
इस कारण बजट प्रस्तावों पर सदन निर्णय लेगा, मगर महापौर का चुनाव नहीं होने के कारण सदन का गठन अभी तक नहीं हुआ है। जबकि एमसीडी के नियमों के अनुसार 25 जनवरी तक बजट प्रस्ताव सदन में पहुंच जाने चाहिए। इसके बाद ही सदन में बजट प्रस्तावों पर चर्चा होने के बाद उन पर स्वीकृत व रद्द किया जाता है।