दिल्ली में कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच उपराज्यपाल अनिल बैजल ने मंगलवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इसमें संक्रमित मरीजों की संख्या, इनके इलाज के लिए स्वास्थ्य का मौजूदा ढांचा, बेड, टेस्टिंग समेत दूसरे कई मसलों पर चर्चा हुई।
उपराज्यपाल ने कहा कि यह बिल्कुल आवश्यक है कि सभी एजेंसियां- केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय निकाय - मिलकर इस महामारी से लड़ने के लिए काम करें। यही कारण है कि मैंने आज सभी पार्टियों की मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग को सामंजस्यपूर्ण तरीके से आयोजित किया गया और उपयोगी सुझाव प्राप्त हुए हैं।
दिल्ली सरकार के फैसले को पलटने पर उपराज्यपाल ने कहा इस फैसले से समानता के अधिकार और जीवन के अधिकार का उल्लंघन होता। जिसमें स्वास्थ्य का अधिकार भी शामिल है। जब स्वास्थ्य सेवा की बात आती है, तो सार्वभौमिक स्वास्थ्य देखभाल करना राज्य की जिम्मेदारी है।
एलजी ने भाजपा के दबाव में पलटा दिल्ली सरकार का फैसला : संजय सिंह
बैठक खत्म होने के बाद आप सांसद संजय सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। संजय सिंह ने कहा कि उपराज्यपाल ने भाजपा के दबाव में दिल्ली कैबिनेट के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें दिल्लीवालों को दिल्ली सरकार के अस्पतालों में इलाज करने का प्रावधान कोरोना काल तक के लिए किया गया था। दूसरी तरफ उपराज्यपाल के पास दिल्लीवालों के इलाज के लिए कोई योजना नहीं है।
संजय सिंह ने कहा कि सभी अस्पतालों को पूरे देश के लिए खोलने पर 31 जुलाई तक दो से ढाई लाख बेड की जरूरत पड़ेगी। इतने बड़े पैमाने पर बेड का इंतजाम कहां से होगा, इसका उपराज्यपाल के पास कोई जवाब नहीं है। संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार के फैसले को पलटवाकर भाजपा ने मान लिया है कि यूपी की योगी सरकार और हरियाणा की खट्टर सरकार पूरी तरह फेल हो गई है। इसीलिए उपराज्यपाल पर दबाव डालकर दिल्ली सरकार का फैसला पलटवाया गया।