धोखाधड़ी और विभिन्न आपराधिक मामलों के तहत पुलिस ने दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद मंगलवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए जितेन्द्र तोमर को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के कानून मंत्री से पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस रिमांड का वक्त मांगा था, वहीं कोर्ट ने 1 घंटे 20 मिनट की दोनो पक्षों की जिरह के बाद कानून मंत्री को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
वहीं फैसले के बाद आप के नेताओं की प्रतिक्रिया में आशुतोष और कुमार विश्वास दोनों ने कहा कि वो कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और जो भी प्रक्रिया उसका पालन किया जाएगा।
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दोनो नेताओं ने ये भी स्पष्ट किया कि वो इस मामले में हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। फैसले के बाद कोर्ट के बाहर आप कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई। इन नेताओं में दिल्ली पुलिस के खिलाफ खासा गुस्सा देखने को मिला।
कोर्ट में पेशी से पहले हुईआ मेडिकल जांच
आपको बता दें कि दिल्ली के कानून मंत्री जितेन्द्र तोमर को धोखाधड़ी और विभिन्न आपराधिक मामलों के तहत दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जिसको लेकर पूरे दिन गहमागहमी का माहौल बना रहा।
इस बीच तोमर के साकेत कोर्ट पहुंचने से पहले ही आम आदमी पार्टी के समर्थक कई बसों में सवार होकर कोर्ट के बाहर जमा हो गए थे। भारी संख्या में मीडिया के लोगों का भी जमावड़ा लगा हुआ था। भीड़ को देखते हुए साकेत कोर्ट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कोर्ट में पेशी से पहले तोमर का मेडिकल भी कराया गया।
इस बीच दिल्ली विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल ने कहा है कि संविधान के अनुसार विधानसभा के किसी भी सदस्य की गिरफ्तारी से पहले इसकी सूचना उन्हें दी जानी चाहिए लेकिन, उन्हें इस गिरफ्तारी के बारे में 3.11 बजे मिले फैक्स से जानकारी मिली।
दिल्ली के कानून मंत्री की गिरफ्तारी के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के विरोध में सीएम आवास के बाहर यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केजरीवाल अपने पद से इस्तीफा दें।
बता दें कि मंगलवार सुबह तोमर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कानून मंत्री पर स्नातक और वकालत की फर्जी डिग्री बनवाने का आरोप है। मंगलवार को प्रारंभिक जांच के बाद उन्हें गिरफ्तार कर पहले हौज खास पुलिस स्टेशन लाया गया फिर वसंत विहार थाने में उनसे पूछताछ की गई।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने ट्वीट कर सबसे पहले कानून मंत्री के गिरफ्तारी की सूचना दी थी। संजय ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना और नोटिस के उन्हें गिरफ्तार किया है।
सबसे पहले संजय ने दी गिरफ्तारी की सूचना
सूत्रों की मानें तो दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों की सोमवार शाम को बैठक हुई थी जिसमें जितेंद्र सिंह तोमर पर लगे आरोपों से संबंधित मामले पर चर्चा के बाद उन्हें गैरजमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस का कहना है कि फर्जी डिग्री मामले में उनसे पूछताछ की गई लेकिन असहयोग के बाद उन्हें गिरफ्तार करने का फैसला लिया गया।
बता दें कि दिल्ली बार काउंसिल ने जितेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ उनकी एलएलबी की फर्जी डिग्री से संबंधित मामला वसंत विहार थाने में दर्ज कराया था। यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट के विचाराधीन है।
दिल्ली के वसंत विहार थाने में तोमर से पूछताछ की गई क्योंकि दक्षिण जिला पुलिस की स्पेशल टीम यहीं बैठती है जो इस तरह के मामलों की छानबीन करती है। बता दें कि सुनंदा पुष्कर हत्या के मामले में सभी गवाहों से पूछताछ भी इसी थाने में की गई थी।
सूत्रों की मानें तो गिरफ्तारी के बाद भी तोमर पुलिस का सहयोग करने की बजाय बयानबाजी कर रहे थे। यही कारण है कि पूछताछ के लिए उन्हें वसंत विहार थाने ले जाना पड़ा।
कानून मंत्री पर क्या हैं आरोप
स्पेशल पुलिस कमीश्नर ने इस बारे में बताया कि तोमर से पूछताछ की गई है और अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो मंगलवार सुबह दिल्ली पुलिस के अधिकारी जितेंद्र सिंह तोमर के ऑफिस गए और कुछ कागजातों की जांच की।
जांच के बाद अधिकारी ने तोमर को बताया कि उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके बाद दिल्ली पुलिस के एसीपी ने उन्हें गिरफ्तार किया और हौज खास पुलिस थाने ले गई।
तोमर पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ये सभी धाराएं जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़ीं हुई हैं।
जितेंद्र सिंह की गिरफ्तारी पर राजनीति भी जारी है। आप नेता संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस मनमाना रवैया अपना रही है। पूरा मामला कोर्ट में है, ऐसे में बिना किसी सूचना के किसी मंत्री को गिरफ्तार करना बिलकुल गलत है।
दिल्ली पुलिस पर लगा आरोप
पुलिस ने जितेंद्र तोमर पर आईपीसी की धारा 467, 468, 471, 420, 120बी के तहत केस दर्ज किया है। इसमें पहली तीन धाराएं फर्जी दस्तावेज को असली बना कर दिखाने से संबंधित है। जबकि धारा 420 धोखाधड़ी से संबंधित है।
आईपीसी की धारा 120बी लगने पर ही किसी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया जाता है। ऐसे में अब जितेंद्र तोमर को थाने से जमानत नहीं मिल सकती। कोर्ट में पेश होने के बाद ही अब उन्हें जमानत मिल सकती है।
तोमर की गिरफतारी पर आप नेता संजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जितेंद्र तोमर का पूरा मामला कोर्ट के विचाराधीन है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी सरकार हमें मुकदमे और थाने से डराने की कोशिश कर रही है, जिसे हम कुछ नहीं समझते।
संजय ने कहा कि वह हमें एक बार नहीं हजार बार थाने भेजें लेकिन, हमारी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है जो जारी रहेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और राम शंकर कठेरिया पर अरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों की डिग्री भी फर्जी है। क्या दिल्ली पुलिस में इतनी हिम्मत है कि वह उन्हें थाने ले जा सके।
इस बीच दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि केंद्र सरकार एलजी के माध्यम से दिल्ली में इमरजेंसी लगाने की कोशिश कर रही है। मनीष ने कहा कि कानून मंत्री जितेंद्र तोमर ने फर्जी डिग्री मामले में पूरे सबूत मुख्यमंत्री केजरीवाल के सामने पेश किए थे।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने एक दिन पहले ही सीएनजी घोटाले की जांच शुरु की थी। जिसके बाद एलजी ने पहले एसीबी में एक नए पद को बनाकर मनमाने ढंग से अधिकारी की नियुक्ति कर दी और अब तोमर को गिरफ्तार करवा दिया।
सिसोदिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सबसे बड़ी उपलब्धि है कि उसने दिल्ली में भ्रष्टाचार की जड़ें हिला दी है। दिल्ली की जनता ने हमें 67 सीटें दे कर भेजा है ताकि हम भ्रष्टाचारियों को सबक सिखा सकें। भ्रष्टाचार रोकने के मामले जो भी आएगा हम उसे छोड़ेंगे नहीं।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मनीष सिसोदिया ने तोमर की डिग्री विवाद पर दोनों ही कॉलेजों द्वारा दिए गए एफिडेविट को पढ़ते हुए कहा कि कॉलेज खुद ही दोनों मामलों में तोमर का क्लिनचिट दे चुका है।