दिल्ली के अस्पतालों में शुक्रवार से फिर डॉक्टरों की हड़ताल होने जा रही है लेकिन उससे पहले हड़ताल की वजह से मरीजों की जान पर जोखिम किस कदर बढ़ता है? इसका खुलासा सफदरजंग अस्पताल से हुआ। यहां पिछले सप्ताह डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से दो मरीजों की मौतें दर्ज की गई। इनमें से एक महिला मरीज थी।
प्रबंधन के किसी भी अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया
जबकि दूसरा मरीज सड़क हादसे में घायल था जो आपातकालीन वार्ड में ही भर्ती रहा लेकिन उसे कोई देखने नहीं आया था। इस मामले में अस्पताल प्रबंधन के किसी भी अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया है। जानकारी के अनुसार दो दिसंबर को सुभाष सड़क दुर्घटना में घायल होने के चलते मुरादाबाद से रैफर होकर दिल्ली आए थे।
डॉक्टरों पर उपचार न करने के आरोप तक लगाए
सफदरजंग अस्पताल में आठ दिसंबर तक उन्हें उपचार नहीं मिला था। बृहस्पतिवार को उनके भाई मोहन से जब फोन पर बातचीत हुई तब उन्होंने यह जानकारी साझा करते हुए डॉक्टरों पर उपचार न करने के आरोप तक लगाए थे। उस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने भी वरिष्ठ डॉक्टरों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं जारी रखने का दावा किया था लेकिन मोहन का कहना है कि उनके भाई को देखने कोई नहीं आया जिसके बाद वह मरीज को लेकर अस्पताल से रवाना भी हुए लेकिन रास्ते में ही उनके भाई की मौत हो गई।