डॉ. आस्था मुंजाल मौत केस
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पश्चिम दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में रविवार तड़के एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ.आस्था मुंजाल की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शव पहली मंजिल स्थित उनके केबिन से बरामद हुआ। शव के पास ही एक सीरिंज व दवा की शीशी बरामद हुई है, वहीं बांए हाथ की कलाई पर इंजेक्शन लगाने का निशान है।
ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जहरीला इंजेक्शन लगाने से डॉक्टर की मौत हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। क्षेत्रीय एसडीएम भी मामले की छानबीन कर रहे हैं। उधर, परिजनों ने मौत के पीछे साजिश की आशंका जताते हुए मेडिकल बोर्ड गठन की मांग की है।
जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज के अनुसार डॉ.आस्था मुंजाल अपने परिवार के साथ मकान नंबर-13 पूसा रोड पर रहती थी। उनकी शादी दो साल पहले डॉ. उदित से हुई थी। उदित जीबी पंत अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ हैं।
आस्था सुपर स्पेशलिटी क्रिटीकल केयर की पढ़ाई करने के साथ पिछले करीब आठ माह से अस्पताल में न्यूरो आईसीयू की इंचार्ज थी। रविवार तड़के करीब 4.30 बजे गार्ड ने डॉ. आस्था के केबिन का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से बंद था। अस्पताल प्रशासन को सूचना देकर 5.15 बजे केबिन का दरवाजा तोड़ा गया तो देख्रा कि वह मृत पड़ी थी।
परिवार ने कर दी आंखें दान
डॉ.आस्था मरने के बाद भी एक शख्स के जीवन में उजाला कर गई। उनके माता-पिता व ससुराल वालों ने उनकी आंखें दान करने का फैसला किया। इसके लिए पुलिस व अस्पताल प्रशासन को सूचना दे दी गई। रविवार दिन में कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उनकी आंखें दान कर दी गईं।
''डॉक्टर की मौत कैसे हुई, फिलहाल यह जांच का विषय है। क्राइम टीम व अन्य विशेषज्ञों ने साक्ष्य जुटाए हैं। सीरिंज व इंजेक्शन की बोतल को कब्जे में ले लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।''
मोनिका भारद्वाज, पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त