दिल्ली एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट एक बार फिर शुरू हो चुका है फिलहाल बेड की कमी के कारण इन्हें बंद रखा गया था। इस संबंध में एम्स के प्रबंधन का कहना है कि इसके लिए उन्होंने एक आसान रास्ता निकाला है। इसी के बाद ट्रांसप्लांट शुरू हुए हैं।
नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ एस के अग्रवाल ने बताया कि आपातकालीन वार्ड में किडनी रोगियों के लिए छह बेड हैं। जबकि उनके विभाग में 24 बेड हैं। इसमें से चार बेड ट्रांसप्लांट रोगियों के लिए हैं। करीब 30 साल से एक भी बेड नहीं बढ़ा है। बेड कम होने के कारण ट्रांसप्लांट सुविधा को रोकना पड़ा था।
दरअसल एम्स को आपातकालीन वार्ड में किसी भी रोगी को 48 घंटे के भीतर वार्ड में शिफ्ट या छुट्टी देने का नियम है। ऐसे में किडनी रोगियों को वहां से वार्ड में भेजना पड़ता है जिसके चलते ट्रांसप्लांट के बाद बेड भी देने पड़ते हैं। अब एम्स प्रबंधन ने ट्रांसप्लांट चालू कराने के लिए विभाग को ये अधिकार दिया है कि वे अपने रोगी को आपातकालीन वार्ड के छह बेड पर रोक सकते हैं।