गिरफ्तारी और पुलिस थाने के बाहर गहमागहमी
प्रतिबंधात्मक आदेशों की अवहेलना करते हुए इस क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद मंगलवार सुबह सौरभ दास, आशुतोष रांका और सीजेपी के कुछ अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया गया। संगठन के अनुसार, उनके लगभग 11 सदस्यों को हिरासत में लिया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां कुछ सीजेपी कार्यकर्ताओं के इकट्ठा होने के बाद पुलिस स्टेशन के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी गई।
दिपके बोले- ये जंतर-मंतर को वापस पाना
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस कदम को 'जंतर-मंतर को वापस पाना' करार दिया और दावा किया कि प्रदर्शन स्थल को डिनोटिफाइ किए जाने से उनका आंदोलन कमजोर नहीं होगा। इससे पहले शनिवार को भी दिल्ली में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिपके, दास और रंका को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें एक साल तक शांति भंग न करने की शर्त पर रविवार सुबह रिहा किया गया था।
नए प्रदर्शन स्थलों का एलान और सीजेपी की प्रतिक्रिया
दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने 11 अक्तूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड को प्रदर्शनों के लिए नए नामित स्थल घोषित किया है। दूसरी ओर, सीजेपी का कहना है कि डिनोटिफाइ करने की घोषणा ठीक उसी दिन (12 अक्तूबर) की गई, जिस दिन उनके प्रतिनिधियों ने संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय की मांग की थी।
दिल्ली में सुरक्षा बेहद कड़ी
संगठन ने इस फैसले की आलोचना करते हुए तर्क दिया है कि राजनीतिक केंद्र से दूर प्रदर्शन स्थलों को शिफ्ट करने से जन असंतोष की दृश्यता कम हो जाएगी। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर सीईसी के खिलाफ विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के आह्वान के चलते नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था अभी भी बेहद कड़ी है।