अदालत ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के 22 वर्षीय इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग छात्र को विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार तिहाड़ जेल में परीक्षा देने की अनुमति दी। वह यूएपीए के तहत जेल में बंद है।
पटियाला हाउस कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग ने मोहसिन मोहम्मद को राहत दी। उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले साल शहर के बटला हाउस इलाके से गिरफ्तार किया था।
एनआईए ने अहमद को गिरफ्तार करते हुए आरोप लगाया कि सूचना मिली थी कि वह सक्रिय रूप से आईएसआईएस के लिए फंड जुटाने में लगा हुआ है। अदालत ने अहमद के आवेदन को स्वीकार कर लिया, जिसमें (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग) पाठ्यक्रम जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में बीटेक. के सातवें सेमेस्टर की परीक्षा देने की अनुमति मांगी गई थी।
विश्वविद्यालय की ओर से पेश वकील ने कहा कि विश्वविद्यालय निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा के संचालन के दौरान जेल परिसर में अधिकारियों को तैनात करेगा। अदालत ने निर्देश दिया कि विश्वविद्यालय का एक अधिकृत पर्यवेक्षक, जिसका परिचय पत्र तिहाड़ जेल अधीक्षक के साथ साझा किया जाएगा, निर्धारित तिथियों यानी 8 दिसंबर, 11 दिसंबर, 13 दिसंबर, 15 दिसंबर, 18 दिसंबर और 20 दिसंबर को जेल का दौरा करेगा।
जेल अधीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि अभियुक्त को परीक्षा में बैठने की सुविधा ऐसे कमरे या पुस्तकालय में की जाए, जहां पूर्ण शांति और अनुकूल वातावरण हो।