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...तो इस साल भी पानी के लिए तरसेगी दिल्ली!

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दिल्ली जल बोर्ड की स्थिति को देखते हुए लग रहा है कि राजधानी के निवासियों को इस वर्ष भी गर्मी के मौसम में पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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कुछ इलाकों में अभी से पेयजल संकट का दौर शुरू हो गया है। दक्षिण दिल्ली के संगम विहार व आसपास के इलाके में तो लोग परेशान होकर सड़क पर उतर चुके हैं।

दरअसल जल बोर्ड इस साल भी पानी की मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर दूर करने में कामयाब नहीं हो सका है।
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चोरी हो जाता है पानी

राजधानी में पेयजल की रोजाना मांग करीब 1100 एमजीडी है। जबकि जल बोर्ड 835 एमजीडी पानी का उत्पादन कर पा रहा है। खास बात यह है कि लोगों के घरों तक मुश्किल से 550 एमजीडी ही पानी पहुंच पा रहता है। बाकी पानी रिसाव में बर्बाद हो जाता है या चोरी हो जाता है।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली जल बोर्ड के पास न तो पर्याप्त पानी है और न ही उसे दूसरे राज्यों से मांग के अनुसार पानी मिल रहा है।

पानी के मामले में जल बोर्ड दूसरे राज्यों पर निर्भर है। उधर जल बोर्ड को पानी की मांग एवं उत्पादन के बीच दूर करने के नाम पर केवल 80 एमजीडी पानी ही मिलने की उम्मीद है, लेकिन उस पर हरियाणा ने अड़ंगा लगा रखा है।
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हरियाणा नहीं देगा पानी

दिल्ली जल बोर्ड को उम्मीद थी कि मुनक नहर शुरू होने पर 80 एमजीडी पानी की बचत होगी। मगर हरियाणा यह पानी देने से मना कर रहा है।

उसका कहना है कि वह पश्चिम यमुना नहर के माध्यम से 80 एमजीडी पानी लीकेज और भाप बनकर उठ रहे पानी की भरपाई के रूप दे रहा है। मुनक नहर में न तो लीकेज होगी और न ही भाप के माध्यम से पानी उड़ेगा, क्योंकि मुनक नहर कवर है।
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