दिल्ली जल बोर्ड अपने बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसने को तैयार है। बोर्ड आने वाले सप्ताह में रेलवे, दिल्ली पुलिस, तीनों एमसीडी, डीडीए जैसे बड़े बकाएदारों को नोटिस भेजने जा रहा है।
इन पर 3200 करोड़ रुपये बकाया है। सप्ताह भर के भीतर बकाए का भुगतान न होने की हालत में बोर्ड अपने कनेक्शन काट देगा। जल बोर्ड बैठक में शनिवार को इसका फैसला लिया गया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में शनिवार सुबह करीब 11 बजे दिल्ली जल बोर्ड की बैठक हुई। इसमें बोर्ड के बकाए पर भी चर्चा हुई। आम लोगों की जगह इस मसले में खास जोर बड़े बकाएदारों पर था।
केजरीवाल ने इस बात पर हैरानी जताई कि सरकारी एजेंसियां ही जल बोर्ड के बड़े बकायेदारों में शामिल हैं। वह भी कई-कई सालों से। सात बड़े बकाएदारों के पास बोर्ड का 3220 करोड़ रुपये फंसा हुआ है। इसकी उगाही हो जाने से बोर्ड सीवर प्लांट व पाइप लाइन डालने जैसे बुनियादी प्रोजेक्ट को समयबद्ध तरीके से पूरा कर सकेगा।
बैठक में रेलवे, दिल्ली पुलिस, तीनों एमसीडी समेत सातों बकाएदारों को नोटिस देने का फैसला लिया गया है। इसमें नियत समय के भीतर बकाया चुकता करने को कहा जाएगा। फिर भी एजेंसियां अगर बोर्ड को बकाए का भुगतान नहीं करतीं तो आगे से बोर्ड वहां पानी की सप्लाई बंद करेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की मानें तो आने वाले सप्ताह में सातों एजेंसियों तक नोटिस पहुंच जाएगा। बकाए का भुगतान करने के लिए उन्हें एक सप्ताह का वक्त मिलेगा। जल बोर्ड के मुखिया व मुख्यमंत्री इस बार बड़े बकाएदारों को छूट देने के मूड में नहीं हैं। सारा कुछ उनकी सीधी निगरानी में हो रहा है। अगर इस बीच एजेंसियां भुगतान करने में नाकाम रहीं तो उनका कनेक्शन काट दिया जाएगा।