जहांगीरपुरी में हुए बवाल का असर स्थानीय दुकानदारों को उठाना पड़ रहा है। मौजूदा हालात में कई दुकानें तीन दिन बाद खुली तो कुछ दुकानदार अभी भी सहमे हुए हैं। हनुमान जयंती पर दो समुदायों के बीच हुए संघर्ष के दौरान कई दुकानदारों ने अंदर से दुकानें बंद कर ली थी।
उपद्रवियों ने इस दौरान एक दो दुकानों के काउंटर को भी निशाना बनाया। रेहड़ियों पर सब्जी बेचने वाले हो या दुकानें, मंगलवार से एक बार फिर खुलने लगी हैं। खौफजदा दुकानदारों ने सभी से शांति बनाए रखने की अपील की है।
जहांगीरपुरी बवाल के बाद मंगलवार को हर तरफ पुलिस की सुरक्षा बढ़ा दी गई। दोपहर के वक्त लोग अपने जरूरी काम से आते जाते दिखे, लेकिन बंदिशों के बीच। बैरिकेड्स के अंदर सभी को प्रवेश करने की इजाजत न होने के कारण बाहर से आने वालों को अंदर की सड़कों पर जहांगीरपुरी में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
सब्जी दुकानदारों ने बताया कि तीन दिन से उनकी बिक्री न होने से घर में खाने की दिक्कत होने लगी है। रोजाना कमाने वालों पर इसका सर्वाधिक असर पड़ा है। इस क्षेत्र में 100 से अधिक छोटी बड़ी दुकानें हैं, लेकिन बवाल के बाद दुकानें मंगलवार को खुली दिखीं। उपद्रवियों द्वारा नकदी और राशन लूट की घटना को अंजाम देने के अलावा एक दो जगहों पर तोड़फोड़ भी हुई। दुकानदारों को इस बात चिंता सता रही है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो उनके लिए मुश्किलें और बढ़ जाएंगी।