झोनू के अनुसार, एक सफेद हुंडई वर्ना ने उसकी कार को टक्कर मार दी थी। कार को कुछ नुकसान तो नहीं हुआ है, यह देखने के लिए वह नीचे उतरा तो उसे वर्ना के चालक से बहस भी की। इतने में वर्ना का ड्राइवर भी नीचे उतरा और पहले तो माफी मांगी। जब उसने कहा कि जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करे तो उसने अचानक से बंदूक निकाल ली।
इससे पहले कि झोनू कुछ करता वर्ना से एक और आदमी बाहर आया और उसे धमकाने लगा। इसके बाद उन दोनों ने झोनू से जगुआर की चाबी छीन ली और उसमें बैठ गए। उन दोनों ने झोनू को वर्ना के अंदर धकेलने की कोशिश भी कि लेकिन वह बचने में कामयाब हो गया। इसके बाद लुटेरे दोनों कार लेकर फरार हो गए।
झोनू ने पुलिस को बताया कि इसके बाद उसने पीछे से आ रही मारुति इको को रोककर उससे जगुआर का पीछा करने की कोशिश की लेकिन तब तक वह निकल गए। इसके बाद झोनू पेट्रोल पंप पर उतरा और पुलिसवालों और अपने मालिक को फोन कर लूट की सूचना दी।