राष्ट्रीय राजधानी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए आज पहली बार दिल्ली में कार फ्री डे का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री ने लाल किले से साइकिल रैली को हरी झंडी दिखा कर इसकी औपचारिक शुरुआत की।
केजरीवाल ने इस मौके पर दिल्लीवालों से कहा कि राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हमें साइकिल का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। यह तभी संभव होगा जब हम दिल्ली की सड़कों को गाड़ियों से मुक्त करा सकें।
बता दें कि गुड़गांव के बाद आज पहली बार दिल्ली में कार फ्री डे का आयोजन किया गया। दोपहर 12 बजे तक लाल किले से इंडिया गेट तक की सड़कों को वाहनों से मुक्त रखने का फैसला किया गया।
कार फ्री डे वाले दिन इस रूट पर कारें नहीं चलीं। हालांकि सरकार का यह भी कहना था कि किसी भी व्यक्ति पर कार से चलने पर कार्रवाई नहीं की जाएगी, इस रूट से पांच घंटे तक कारों को दूर रखा गया।
रूटीन बसों के अलावा अतिरिक्त बसें
आम लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए रूटीन बसों के अलावा अतिरिक्त बसें चलाई गई। ऑटो यूनियन ने फ्री राइड की सुविधा दी। इसके अलावा रजिस्टर्ड ई-रिक्शा चालकों को भी बुलाया गया।
परिवहन मंत्री गोपाल राय के मुताबिक कार फ्री डे एक शुरुआत है, ताकि हम सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने के साथ लोगों को सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था से जोड़ सकें।
यह कार फ्री डे अब पूरी दिल्ली में अलग-अलग रूट पर प्रत्येक माह की 22 तारीख को मनाया जाएगा।
500 साइकिल की व्यवस्था
कार फ्री डे के लिए दिल्ली परिवहन विभाग ने 500 साइकिल का इंतजाम किया है। इसमें 350 साइकिल लेकर आने वाले अलग-अलग साइकिलिंग करने वाले समूह से जुड़े हैं।
बाकी 150 साइकिल अलग से मंगाई गई। कार फ्री डे मनाने से उस रूट के प्रदूषण स्तर में कितनी गिरावट आएगी, सरकार इस पर भी नजर रखी गई।
इसके लिए पर्यावरण विभाग की एक टीम कार फ्री डे से पहले और सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच वहां का प्रदूषण स्तर की जांच करेगा। दोनों के अंतर का आकलन करने से पता चलेगा कि कार फ्री डे मनाने कर कितना फायदा हुआ।