हाईकोर्ट ने अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर दिल्ली सरकार व उपराज्यपाल के बीच विवाद मामले में केंद्र सरकार के अधिकारों को सर्वोच्च माना है। अदालत ने दिल्ली को मात्र प्रदेश के तौर नहीं बल्कि देश की राजधानी के रूप में भी आंक कर उसकी अलग से व्याख्या की है।
अदालत ने फैसले में राजधानी की विशेषता और उसके महत्व पर भी अलग से प्रकाश डालते हुए केंद्र को प्रमुखता दी है। खंडपीठ ने कहा कि दिल्ली में प्रशासन की जिम्मेदारी राष्ट्रपति पर है।
अदालत ने कहा कि दिल्ली एक प्रदेश ही नहीं है बल्कि देश की राजधानी भी है। यह देश के जातीय, सांस्कृतिक और सामाजिक-राजनीतिक विविधता को दर्शाती है और दुनिया के बाकी हिस्सों का एक झलक दिखाने के रूप में काम करती है।
अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार के लिए दिल्ली अति महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां बड़े स्तर पर महत्वपूर्ण संस्थान जैसे राज्य के प्रमुख, राष्ट्रीय विधायिका, राष्ट्रीय कार्यकारिणी, शीर्ष न्यायपालिका, सशस्त्र बलों के प्रमुख, अर्द्ध सैनिक बल, विदेशी राजनयिक मिशन, अंतरराष्ट्रीय संगठन, महत्वपूर्ण शिक्षा एवं सांस्कृतिक संस्थान इत्यादि हैं।