दिलवालों की दिल्ली के लोग जान जोखिम में डालने से परहेज नहीं कर रहे हैं। नोएडा ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट ने हैरान कर देने वाले आंकड़े पेश किए हैं। यमुना एक्सप्रेसवे पर बेलगाम दौड़ने वाले सबसे ज्यादा वाहन दिल्ली के पाए गए हैं, जबकि दूसरे पायदान पर उत्तर प्रदेश का जिक्र किया गया है। दिल्ली और यूपी के मुकाबले हरियाणा के वाहन चालकों की लापरवाही कम मिली है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसों का ग्राफ कम नहीं हो पा रहा है। एक्सप्रेसवे पर 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार निर्धारित है, लेकिन बेलगाम वाहन 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रहे हैं। अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 तक 82876 वाहनों के चालान यमुना एक्सप्रेसवे पर काटे गए जिसमें 34309 वाहन दिल्ली से रजिस्टर्ड हैं, जबकि 34195 वाहन उत्तर प्रदेश से रजिस्टर्ड हैं। हालांकि, 10 महीने के आंकड़ों के आधार पर जारी की गई रिपोर्ट में हरियाणा नंबर के वाहनों का चालान प्रतिशत महज 10 है। महज 8345 हरियाणा रजिस्टर्ड वाहनों के चालान अप्रैल 2018 से जनवरी 2019 के बीच काटे गए।
जिले के 10.24 प्रतिशत वाहन शामिल
कहने को यमुना एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा गौतमबुद्ध नगर जिले में पड़ता है। एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 64 कैमरों की निगरानी भी जेवर टोल प्लाजा तक ही सीमित है। इसके बावजूद जिले से रजिस्टर्ड वाहनों के चालान का प्रतिशत महज 10.24 दर्ज किया गया है। ट्रैफिक पुलिस की रिपोर्ट में गौतमबुद्ध नगर से रजिस्टर्ड 8492 वाहनों का जिक्र किया गया है।
कब कितने कटे चालान
अप्रैल 1320
मई 15512
जून 4872
जुलाई 3806
अगस्त 16750
सितंबर 2081
अक्तूबर 9148
नवंबर 10154
दिसंबर 3956
जनवरी 2019 5277
दस माह काटे गए चालान के आंकड़ों में 41.39 फीसदी दिल्ली और 41.26 फीसदी यूपी के वाहनों का चालान किया गया है। जिले से रजिस्टर्ड वाहनों का आंकड़ा बेहद कम है। इससे जाहिर होता है कि ई-चालान प्रणाली जिले में प्रभावी साबित हो रही है। बाहरी वाहन सबसे ज्यादा नियम तोड़ रहे हैं।
- अनिल कुमार झा, एसपी ट्रैफिक