आरोपी होटल में 25 दिन ठहरे। इस दौरान आरोपियों ने होटल की सारी सुविधाओं का लाभ उठाया। होटल प्रबंधन जब उनसे बिल देने के लिए कहते थे तो कोई ने कोई बहाना बनाकर उनकी बातों को टाल देते थे। वह बताते थे कि पंजाब में उनका काफी रूतबा है और वह पैसों की चिंता न करें। उन्हें पैसे मिल जाएंगे। लेकिन जब बिल 3.40 लाख रुपये का हो गया तो होटल प्रबंधन उनपर पैसे का पेमेंट करने का दवाब बनाने लगा।
आरोपियों ने 4 सितंबर को दस और पचास हजार रुपये का पेमेंट ऑनलाइन कर दिया। 4 सितंबर की शाम आरोपी युवक के माता-पिता होटल से चले गए। जबकि अगले दिन आरोपी युवक दो घंटे में आने की बात कहकर होटल से चला गया। उसके बाद से वह नहीं आया। होटल वालों ने युवक के दिए नंबर पर काफी संपर्क किया लेकिन उनका संपर्क नहीं हो पाया। उसके बाद होटल की ओर से एयरपोर्ट थाने में शिकायत की गई।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
जांच के दौरान पुलिस ने होटल से युवक का मोबाइल नंबर, उसका पासपोर्ट और उस पेमेंट की जानकारी हासिल की, जिसके जरिए युवक ने होटल को पेमेंट किया था। तकनीकी जांच के दौरान 19 जनवरी को पुलिस को पता चला कि दोनों पिता-पुत्र महिपालपुर स्थित एक होटल में डेरा जमाए हुए हैं। जहां से पुलिस ने देर रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पिता-पुत्र की गिरफ्तारी की पुष्टि की है और उनका कहना है कि अभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनसे ठगी के मामलों की जानकारी लेकर छानबीन की जा रही है।