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Delhi: कोमा में पति... हाईकोर्ट ने पत्नी को बनाया कानूनी अभिभावक, इस सिद्धांत के तहत मिला महिला को अधिकार

Fri, 02 Jan 2026 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा गौरव बाजपेई, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोफेसर अलका आचार्य को उनके पति सलाम खान का कानूनी अभिभावक नियुक्त किया है। सलाम खान फरवरी 2025 से कोमा में हैं।
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Delhi High Court - फोटो : ANI
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने एक दुर्लभ मामले में कोमाग्रस्त पति की सेवा के लिए पत्नी को कानूनी अभिभावक नियुक्त किया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि कोई कानून उन्हें या कानूनी उत्तराधिकारी को अभिभावकीय अधिकार नहीं देते हैं। ऐसे में चिकित्सकीय खर्चों के लिए पति के बैंक खातों और अन्य उपलब्ध संसाधनों का कैसे इस्तेमाल करूं। 

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दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रोफेसर अलका आचार्य को उनके पति सलाम खान का कानूनी अभिभावक नियुक्त किया है। सलाम खान फरवरी 2025 से कोमा में हैं। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की अदालत ने यह फैसला साल के अंतिम दिन 31 दिसंबर को सुनाया। अदालत ने जिसमें ‘पैरेंस पैट्रिए’ अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए यह आदेश दिया गया। सलाम खान को ब्रेन हेमरेज के बाद गंभीर स्थिति में रखा गया है और वे पूरी तरह से असमर्थ हैं। 

क्या है पैरेंस पैट्रिए ...लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ है राष्ट्र के माता-पिता या देश का अभिभावक। यह कानूनी सिद्धांत है जो राज्य या अदालत को उन लोगों की रक्षा करने का अधिकार देता है जो खुद अपनी देखभाल या निर्णय लेने में असमर्थ हैं।

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