फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली: नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को एप के जरिए फंसाने वाले हाई प्रोफाइल गैंग का भंड़फोड़, 7 लोग गिरफ्तार 

Thu, 24 Dec 2020 08:02 PM IST
Mohit Mudgal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
नौकरी के नाम पर लोगों को ठगने वाले गैंग का भंडाफोड़ - फोटो : ANI
विज्ञापन

दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर सेल ने पैन इंडिया जालसाजी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य लव लाइक्स एप्लीकेशन बनाकर उस पर वीडियो व पोस्ट को लोगों से लाइक व शेयर करवाने के नाम पर ठगी करते थे। ये पूरे भारत में हजारों लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुके है। पुलिस को अभी तक करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी का पता लग चुका है। पुलिस ने इनके 30 बैंक खातों को सीज करवा दिया है। गिरोह को दो भाई सरगना हैं और दोनों इस समय दुबई में हैं। 

विज्ञापन


दक्षिण-पश्चिमी जिला डीसीपी इंगित प्रताप सिंह के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिजवानसन निवासी भीम कुमार (26), किशनगंज निवासी जितेंद्र कुमार (34),  गुरुग्राम निवासी रोहित कुमार (33) व सागर शर्मा (25), मोतीबाग निवासी अरुण कुमार (27), रोहिणी निवासी राजीव अग्रवाल (63) और  करोलबाग निवासी रवि कुमार (37) के रूप में की है। दक्षिण-पश्चिमी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमित गोयल की देखरेख में एसआई प्रभात, नीरज व देवेंद्र की टीम ने इस गिरोह का पर्दाफाश किया हे। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, 19 मोबाइल फोन, हिसाब-किताब की एक डायरी व 50 लाख रुपये की कीमत के ड्राई डेट बरामद किए गए हैं। 

आरोपी लोगों से ऐसे करते थे ठगी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ये लव लाइक्स नाम की मोबाइल एप्लीकेशन बनाते थे। इसके बाद सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म पर डाल देते थे। ये एप पर फेसबुक आदि सोशल मीडिया से वीडियो व पोस्ट उठाकर डाल देते थे। लोगों को एप मेंबरशिप भी ऑफर करते थे और कहते थे कि लाइक व शेयर करें और पैसे कमाए। ये लोगों को मेंबरशिप देने के नाम पर पांच से दस हजार रुपये जमा करा लेते थे। ये लोगों से कहते थे कि अगर वह एक वीडियो को लाइक व शेयर करेंगे तो उनको तीन रुपये मिलेंगे। दिन में अगर छह पोस्ट को शेयर करेंगे तो 18 रुपये मिलेंगे। अगर मेंबर बनाएंगे तो ज्यादा पैसे मिलेंगे। ये लोगों के लाइक व शेयर के पाइंट्स बनाते थे और उनके स्क्रीन शॉट उनको डाल देते थे कि उनके इतने पाइंट्स व पैसे हो गए हैं। हालांकि शुरू में इन्होंने कुछ लोगों को पैसा भी दिया है। ठगी का ये गोरखधंधा टेलीग्राम व व्हाट्सएप पर भी चल रहा था। पीड़ित जब रकम जमा करता तो वह रकम उसके मोबाइल एप्लीकेशन वाले एकाउंट में जमा दिखाई जाती। पीड़ित को लगता था कि पैसे उसके पास हैं। 
विज्ञापन


पोस्ट पर शिकायत के बाद मामला दर्ज हुआ था
जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया यूजर ने ट्विट कर इस एप के बारे में शिकायत की थी कि सोशल मीडिया पर पैन इंडिया रैकेट चल रहा है। कुछ पीड़ितों ने अपने खाते से पैसे वापस निकालने की कोशिश की तो वह असफल रहे। इसके बाद उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ व्यवसायी भी हैं। ट्विट के बाद दक्षिण-पश्चिमी जिले की साबइर सेल ने मामला दर्जकर जांच शुरू की थी। 

गिरोह के सरगना दुबई में बैठे हुए हैं
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह के मास्टरमाइंड रोहित कुमार व देवेश लाल हैं। ये दोनों सगे भाई बता रहे हैं और दोनों इस समय दुबई में हैं। आरोपी काफी लोगों का डाटा खत्म कर चुके हैं। उनकी लव लाइक्स एप का खुलासा होने के बाद अब इन्होंने नई एप स्माइल बना ली है। इस एप के जरिए वह ठगी का धंधा चला रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें