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1984 सिख दंगे : 22 साल बाद आया फैसला, दिल्ली हाईकोर्ट ने 88 लोगों की सजा रखी बरकरार

Wed, 28 Nov 2018 02:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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sikh riots verdict - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने 1984 के सिख दंगों निचली अदालत के फैसल को सुरक्षित रखा है। उच्च न्यायालय ने पूर्व दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में 1984 के सिख दंगों के सिलसिले में सुनवाई करते हुए अदालत द्वारा 88 लोगों की सजा को बरकरार रखा है।
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  दिल्ली उच्च न्यायालय ने सभी दोषियों की सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। इन दोषियों को कोर्ट ने साल 1996 में पांच-पांच साल की कैद की सजा सुनाई गई थी।

इस सजा के खिलाफ कोर्ट में अपील की गई थी जिस पर फैसला आज 22 साल बाद आया है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया था।

मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। गौरतलब है कि 2 नवंबर 1984 को कर्फ्यू का उल्लंघन करके दोषियों पर हिंसा करने का आरोप लगा था। इस हिंसा में त्रिलोकपुरी इलाके में करीब 95 जानें गई थीं और करीब 100 घरों को आग के हवाले कर दिया गया था।
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