केंद्र सरकार की ओर से स्थाई अधिवक्ता अनिल सोनी व दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त स्थाई अधिवक्ता गौतम नारायण से नोटिस स्वीकार किया। उन्होंने कोर्ट को आश्वासन दिया कि बाजारों में कोरोना प्रोटोकोल का पालन करवाने के लिए पहले से ही कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। वेंडरों द्वारा भी इनका पालन किया जा रहा है।
कुछ और कदम उठाने की जरूरत
खंडपीठ ने कहा कि उनका मानना है कि जरूरी तौर पर कुछ और कदम उठाने की जरूरत है। ये मार्केट एवं वेंडर एसोसिएशनों से बात करके तथा अधिक संख्या में सिविल डिफेंस तथा पुलिसकर्मी की तैनाती बाजरों व हाटों में करके किया जा सकता है।
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि कोर्ट की चिंता से संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा क्योंकि हम तीसरी लहर का जोखिम नहीं उठा सकते। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी अधिकारियों व नौकरशाहों को कोरोना प्रोटोकोल का पालन सुनिश्चित करवाते हुए लोगों के जीवन को सामान्य बनाने का विवेकपूर्ण निर्णय लेना चाहिए। हमेशा तो लॉकडाउन नहीं रखा जा सकता।
दुकानदारों को जागरूक करने की जरूरत
हाईकोर्ट ने कहा इन फोटोग्राफों में मुख्य तौर पर ठेलेवाले दिख रहे हैं। मार्केट एसोसिएशनों को ये सुनिश्चित करना चाहिए जो लोग आसपास खड़े वो मास्क जरूर पहनें। लोग गर्मी में धूप से बचने के लिए भी अपने चेहरे को कवर करते हैं तो इस लिहाज से मास्क पहनना कोई बड़ी परेशानी नहीं है। इन लोगों को कड़ाई से जागरूक करने की जरूरत है, क्योंकि लोगों को अपना काम करने से नहीं रोका जा सकता क्योंकि ये उनकी आजीविका से जुड़ा है लेकिन इन लोगों को नियमों का सख्ती से पालन करना होगा क्योंकि ये संक्रमित हुए तो संक्रमण घर ले जाएंगे और उसे स्प्रेड करेंगे।
वहीं दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि राजधानी के मॉल में इससे ज्यादा खतरनाक फोटोग्राफ हैं जिनमें लोग उल्लंघन करते देखे जा सकते हैं। इसलिए ऐसा नहीं है कि छोटे वेंडर ही नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।