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दिल्ली सरकार से नाराज हाईकोर्ट: हमने तो जजों के लिए पांच सितारा होटल बुक करने को नहीं कहा, आदेश वापस

Wed, 28 Apr 2021 04:16 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

कोरोना के हालात के मद्देनजर पांच सितारा होटल में दिल्ली हाईकोर्ट के जजों के लिए 100 कमरे बुक करने के आदेश पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई।
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दिल्ली उच्च न्यायालय (फाइल फोटो)
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विस्तार
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कोरोना के हालात के मद्देनजर पांच सितारा होटल में दिल्ली हाईकोर्ट के जजों के लिए 100 कमरे बुक करने के आदेश पर दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा है कि हमने जजों, उनके स्टाफ और परिजनों के लिए लिए फाइव स्टार होटल में कोविड केयर सेंटर बनाने का कोई अनुरोध ही नहीं किया था, तो ऐसा आदेश क्यों पारित किया गया?  इसके बाद दिल्ली सरकार ने देर रात आदेश वापस ले लिया। 

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जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की पीठ ने उन मीडिया रिपोर्टों पर स्वत: संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय राजधानी के अशोक होटल के 100 कमरों को दिल्ली हाईकोर्ट के आग्रह पर उसके जजों के लिए कोविड-19 स्वास्थ्य केंद्र में बदला गया है।

पीठ ने कहा, इस संबंध में किसी से भी कोई संवाद नहीं किया गया। हमने किसी पांच सितारा होटल को कोविड-19 केंद्र में बदलने जैसा कोई आग्रह नहीं किया है। पीठ ने दिल्ली सरकार से फौरन सुधारात्मक कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने कहा, हम अपने दो न्यायिक अधिकारी खो चुके हैं और अगर हाईकोर्ट के किसी स्टाफ को जरूरत पड़ती है तो अस्पताल की सुविधा दी जाए।
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कोर्ट ने कहा, हम ऐसा सोच भी नहीं सकते, ऐसे में जब लोग सड़कों पर मर रहे हैं तो क्या एक संस्थान के तौर पर हम खुद को तरजीह देंगे? हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को आडे़ हाथ लेते हुए कहा, अस्पतालों में स्टाफ, जरूरी सामान, वेंटिलेटर और दवाएं नहीं हैं, ऐसे में इस तरह का आदेश जारी करके आप क्या संदेश देना चाहते हैं। 

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हमारी यह छवि बनी कि अपने फायदे के लिए जजों ने जारी किया आदेश

दरअसल, चाणक्यपुरी के एसडीएम गीता ग्रोवर की तरफ से 25 अप्रैल को जारी आदेश में कहा गया था कि अशोका होटल में कोविड-19 केंद्र को प्राइमस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल से जोड़ा जाएगा। पीठ ने आदेश को गलत करार देते हुए कहा कि इसके कारण यह छवि पेश हुई है कि दिल्ली हाईकोर्ट के जजों ने यह आदेश अपने फायदे के लिए जारी किया है या दिल्ली सरकार ने अदालत को खुश करने के लिए ऐसा किया है। क्या एक संस्थान के तौर पर कोर्ट कह सकता है कि हमारे लिए इस तरह की सुविधा तैयार की जाए? कोर्ट ने कहा कि क्या यह भेदभाव नहीं होगा। ऐसे आदेश से न्यायपालिका के बारे में गलत नजरिया बनता है।

एसडीएम के आदेश में कहा था कि हाईकोर्ट से मिला था अनुरोध
एसडीएम ग्रोवर के आदेश में कहा गया था कि दिल्ली हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीशों और अन्य न्यायिक अधिकारियों और उनके परिवारों के लिए कोविड स्वास्थ्य केंद्र सुविधा स्थापित करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट से अनुरोध प्राप्त हुआ है, ऐसे में जजों और उनके परिजनों के इस्तेमाल के लिए कोविड स्वास्थ्य सुविधा केंद्र की स्थापना और तत्काल प्रभाव से अशोका होटल के 100 कमरों में बंदोबस्त किया जाए।

मीडिया पर न मढे़ं दोष
अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील राहुल मेहरा के इस दावे से असहमति जताई कि मीडिया ने शरारत की। पीठ ने कहा, मीडिया ने कुछ गलत नहीं किया। मीडिया ने केवल यह बताया कि आदेश में क्या गलत था और एसडीएम का आदेश गलत था।
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