दो सहयोगियों की 30-30 साल की सजा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी नोटिस, सजा निलंबन की मांग पर अक्तूबर में अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी की आतंकवाद से जुड़े मामले में ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर अपील पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जवाब मांगा। अंद्राबी के साथ ही उसकी सहयोगी सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन की अपीलों पर भी एनआईए को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति प्रतिबा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की खंडपीठ ने तीनों दोषियों की सजा निलंबित करने की मांग वाली याचिका पर भी एजेंसी से जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई अक्तूबर में होगी। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत सिंह ने 24 मार्च 2026 को आसिया अंद्राबी को आतंकवादी साजिश, भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और प्रतिबंधित संगठन की सदस्यता समेत विभिन्न आरोपों में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं, सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को विभिन्न धाराओं के तहत 30-30 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी गई थी।
ट्रायल कोर्ट ने दोषियों की गतिविधियों को देश की संप्रभुता के खिलाफ बताया था
आसिया अंद्राबी प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (डीईएम) की प्रमुख थी। सोफी फहमीदा संगठन की प्रेस सचिव और नाहिदा नसरीन महासचिव थी।ट्रायल कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि दोषियों की गतिविधियां भारत की संप्रभुता और अखंडता के खिलाफ थीं। उनका उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करना था। अदालत ने यह भी माना था कि रिकॉर्ड में प्रत्यक्ष हिंसा का प्रमाण नहीं होने के बावजूद उपलब्ध साक्ष्य दर्शाते हैं कि उन्होंने हिंसा का विरोध नहीं किया और मारे गए आतंकियों की प्रशंसा कर अप्रत्यक्ष रूप से आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दिया।