दिल्ली यूनिवर्सिटी में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (एफवाईयूपी) के समर्थन और विरोध पर हाईकोर्ट में दायर की गई याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि पाठ्यक्रम के विरोध में दायर याचिकाएं, सरकार और डीयू की ओर से तीन वर्षीय पाठ्यक्रम लागू करने के बाद स्वतः निस्तारित हो गई हैं।
वहीं एफवाईयूपी के समर्थन में भी कुछ ठोस आधार नहीं है क्योंकि दिल्ली विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम से जुड़े़ तमाम विवादों को भी सुलझा लिया है और नए सत्र से ही छात्रों को तीन साल की डिग्री मिलेगी।
पहले दिन दाखिले को उमड़ा हुजूम
उधर, कटऑफ जारी होने के बाद पहले दिन एडमिशन लेने के लिए डीयू छात्रों का हुजूम उमड़ा। हालांकि हाई कट-ऑफ होने की वजह से बहुत से छातत्रों को निराशा हुई।
कटऑफ में शामिल नहीं हो पाए छात्र-छात्राएं मायूस होकर लौटे। जबकि कॉमन क्राइटेरिया में बदलाव और कॉलेज के अपने क्राइटेरिया को लेकर भी छात्र-छात्राएं परेशान दिखे।
पहले दिन कटऑफ में शामिल सीबीएसई बोर्ड के ऑल इंडिया टॉपर्स ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के एसआरसीसी कॉलेज में दाखिला लिया।
FYUP के लिए विरोध प्रदर्शन जारी
डीयू के नॉर्थ कैंपस में दाखिले को लेकर दिनभर गहमागहमी रही। सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्रों व अभिभावकों का जमावड़ा लगा रहा। दाखिले के लिए आवेदन नहीं करने वाले छात्र भी प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी लेने पहुंचे।
वहीं, डीयू में एफवाईयूपी को लेकर विरोध का सिलसिला जारी है। दाखिले के पहले दिन एफवाईयूपी के समर्थकों ने इसे फिर से लागू करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।