दिल्ली हाईकोर्ट ने सामाजिक कार्यकर्ता साकेत गोखले के उस ट्वीट पर आपत्ति जताई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि संयुक्त राष्ट्र में पूर्व सहायक महासचिव लक्ष्मी पुरी ने स्विट्जरलैंड में अपनी आय से अधिक संपत्ति खरीदी थी। अदालत ने कहा वह लोगों को कैसे बदनाम कर सकते हैं, खासकर जब से उनके द्वारा किए गए ट्वीट प्रथम दृष्टया गलत थे।
न्यायमूर्ति सी. हरि शंकर ने गोखले से पूछा कि आप इस तरह से लोगों को कैसे बदनाम कर सकते हैं? मुझे दिखाएं कि इससे पहले आप इसे सार्वजनिक करें, आपने वादी से संपर्क किया। अदालत ने पुरी द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया, जिसमें ट्वीट्स को हटाने के आदेश के अलावा 5 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।
याचिका में उन्होंने कहा कि, ट्वीट मानहानिकारक, दुर्भावनापूर्ण और झूठी जानकारी पर आधारित थे। इससे उनकी प्रतिष्ठा खराब हुई है। याची लक्ष्मी पुरी केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की पत्नी हैं। कोर्ट ने गोखले के वकील सरीम नावेद से एक सवाल किया कि क्या उनके मुवक्किल ने किसी आधिकारिक प्राधिकरण से संपर्क किया था या ट्वीट डालने से पहले पुरी से स्पष्टीकरण मांगा था। इस पर उन्होंने कहा 23 जून को अपने ट्वीट में केंद्रीय वित्त मंत्री को टैग किया था।
गोखले के ट्वीट किया था कि पुरी ने स्विट्जरलैंड में कुछ संपत्ति खरीदी और ट्वीट में पुरी के पति, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का भी उल्लेख किया था। याची ने गोखले को ट्वीट हटाने के लिए कानूनी नोटिस भेजा था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था।
वहीं गोखले के वकील सरीम नावेद ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर गोखले को सरकारी पदाधिकारियों की संपत्ति के बारे में जानने का हकदार है। नावेद ने कहा पुरी के पति केंद्रीय मंत्री हैं और ऐसे व्यक्ति की पत्नी के साथ संपत्ति सार्वजनिक डोमेन में होनी चाहिए। वर्तमान मामले में उनकी बेटी से प्राप्त धन सार्वजनिक नहीं है।
पुरी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने गुरुवार को तर्क दिया कि ट्वीट्स दुर्भावनापूर्ण थे और गोखले को पता था कि आरोप झूठे थे। उन्होंने कहा पुरी की बड़ी बेटी ने स्विट्जरलैंड में फ्लैट खरीदने के लिए पैसे देकर उनकी मदद की थी। उनकी बड़ी बेटी न्यूयॉर्क में एक बैंकर है और उसने उनको 6 लाख स्विस फ्रेंस दिए व इसके अलावा उन्होंने ऋण लिया था। उन्होंने कहा पुरी और उनके पति ने अपनी सारी संपत्ति घोषित कर दी है और गोखले के ट्वीट मानहानि का एक स्पष्ट मामला है।
उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि उम्मीदवार और जीवनसाथी की संपत्ति सार्वजनिक रिकॉर्ड पर होनी चाहिए लेकिन उन्होंने बेटी से लिए गए 6 लाख स्विस फ्रेंस ऋण की घोषणा नहीं की है।