निजामुद्दीन के तब्लीगी जमात मरकज मामले से जुड़े विदेशी नागरिक के खिलाफ जारी लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) को रद्द करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभी मामले की जांच जारी है। इसलिए सर्कुलर रद्द नहीं किया जा सकता।
न्यायमूर्ति योगेश खन्ना की एकल पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई करते हुए श्रीलंका के नागरिक मोहम्मद अजहर हुसैन कबीर को निर्देश दिया कि वह 18 जून को या उससे पहले किसी भी दिन सुबह 10 बजे मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश हो। इसकी के साथ कोर्ट ने अजहर की याचिका का निपटारा कर दिया। याचिका में अजहर ने कहा था कि उसकी उम्र 67 साल है और वह टूरिस्ट वीजा पर श्रीलंका से आया था। वह 9 फरवरी को चेन्नई पहुंचा। उसे 23 मार्च को लौटना था। उस दौरान उसके खिलाफ कोई एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई थी।
उधर, पुलिस ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि याचिकाकर्ता को महज पूछताछ के लिए रोका गया है। मरकज से कुछ दस्तावेज मिले हैं, जिनके बारे में उससे पूछताछ करनी है। पुलिस ने यह भी कहा कि उसे गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब तक 35 देशों के 900 से अधिक लोगों के खिलाफ 47 आरोप-पत्र दायर किए जा चुके हैं और उनमें से किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने कहा कि जमात में शामिल विदेशियों पर वीजा नियमों, आपदा प्रबंधन अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम से जुड़े सरकारी आदेशों के उल्लंघन का आरोप है।