दिल्ली के शाहीन बाग में बीते करीब एक महीने से नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग अपना धरना आगे भी जारी रखेंगे। दरअसल दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शाहीन बाग से बैरिकेडिंग हटाने की इजाजत मांगने वाली एक याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए खारिज कर दी है।
भाजपा नेता कपिल मिश्रा दिल्ली पुलिस को लीगल नोटिस देने वाले हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि अगर दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग से बैरिकेडिंग नहीं हटाई तो वह अदालत का रुख करेंगे। कपिल ने लिखा है कि शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों ने कब्जा कर रखा है। एक महीने से दिल्ली, यूपी बॉर्डर, कालिंदी कुंज, साउथ दिल्ली की सड़कें बंद हैं। यहां तक कि अस्पताल, दफ्तर, स्कूल जाने वाले लोग परेशान हैं। फिर भी प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं है।
याचिकाकर्ता ने क्या की थी अपील
दिल्ली हाईकोर्ट में डाली गई इस याचिका में कहा गया था कि बीते 15 दिसंबर से शाहीन बाग इलाके में बैरिकेडिंग की गई है, जिसके कारण ट्रैफिक की परेशानी आ रही है। इसलिए मांग की गई थी कि प्रदर्शनकारियों को किसी अन्य स्थल पर शिफ्ट कर शाहीन बाग से बैरिकेडिंग हटा दी जाए।
बता दें कि शाहीन बाग में महिलाएं, बच्चे व हर उम्र के लोग बीते एक महीने से नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। यही वजह है कि रास्ते में बैरिकेड लगाए गए हैं ताकि इनके प्रदर्शन पर नियंत्रण रखा जा सके।
हाथ से लिखे पत्र के रूप में दिए गए आवेदन का उल्लेख मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष किया गया जिसने इस पर विचार करने से इनकार कर दिया।
तुषार सहदेव और रमन कालरा की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश, दिल्ली से उत्तराखंड, दिल्ली से नोएडा अस्पतालों, आश्रम और बदरपुर तक के मार्ग इस प्रदर्शन के कारण उपयोग में नहीं हैं क्योंकि शाहीन बाग के आस-पास की सड़कें अवरुद्ध हैं और वाहनों का मार्ग परिवर्तित कर डीएनडी फ्लाईओवर की तरफ कर दिया गया है।