नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह द्वारा महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दर्ज एफआईआर व सभी कार्यवाहियां रद्द करने की याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की एकल पीठ ने बृजभूषण के वकील द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता की अनुपस्थिति के कारण स्थगन (मुल्तवी) की मांग पर कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने कहा कि आप का यह केस अगस्त 2024 में दाखिल किए हैं, लेकिन अब तक एक बार भी दलीलें नहीं दी गईं। आप यह क्यों नहीं तर्क कर रहे हैं? अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका पर कोई दलील नहीं होने के बावजूद ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है।मामले में महिला पहलवानों की ओर से जवाब दाखिल किया गया है, जिसे कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया। साथ ही ट्रायल कोर्ट का पूरा रिकॉर्ड तलब किया गया है। सुनवाई अब 21 अप्रैल 2026 को होगी।
यह है मामला
कई ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने अप्रैल 2023 में एफआईआर दर्ज की थी। ट्रायल कोर्ट में चार्ज फ्रेम करने की कार्यवाही चल रही है। बृजभूषण इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं और सभी कार्यवाहियां रद्द करने की मांग कर रहे हैं।