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दिल्लीः निजी अस्पतालों में 80 प्रतिशत बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित करने के फैसले पर रोक

Tue, 22 Sep 2020 01:53 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter @CMODelhi
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दिल्ली हाईकोर्ट ने 33 बड़े निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के लिए 80 प्रतिशत आईसीयू बिस्तर आरक्षित रखने के आप सरकार के आदेश पर रोक लगा दी है। हालांकि हाईकोर्ट के इस फैसले को दिल्ली सरकार ने चुनौती देने की बात कही है। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि वह अदालत के इस फैसले को चुनौती देंगे। 

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने अस्पतालों की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि, दिल्ली सरकार का 13 सितंबर का आदेश पहली नजर में मनमाना, अनुचित एवं नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने आईसीयू बिस्तर आरक्षित रखने के आदेश को खारिज करने की ‘एसोसिएशन ऑफ हेल्थेकयर प्रोवाइडर्स’ की याचिका पर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
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अदालत ने कहा, ‘प्रथम दृष्ट्या यह आदेश मनमाना, अनुचित एवं नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता प्रतीत होता है। मामले की अगली सुनवाई तक इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक रहेगी।’

अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 16 अक्तूबर की तारीख तय की है। एसोसिएशन ने कहा कि यह 33 अस्पताल उसके सदस्य हैं और दिल्ली सरकार के आदेश को रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि यह विवेकहीन तौर पर पारित किया गया है।

दिल्ली सरकार ने अपने आदेश का बचाव करते हुए कहा कि यह केवल 33 अस्पताल हैं और 20 प्रतिशत आईसीयू बिस्तर अन्य मरीजों (जिन्हें कोरेाना वायरस नहीं है) के लिए आरक्षित रहेंगे। साथ ही आदेश पारित करते समय वायरस के अचानक बढ़ते मामलों को भी ध्यान में रखा गया।

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