दिल्ली हाईकोर्ट ने पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी परिवार के तीन बच्चों को स्कूल में दाखिला देने का निर्देश दिल्ली सरकार को दिया है। इन बच्चों के पिता ने एक एनजीओ के जरिए याचिका दायर कर दाखिला दिलाने की गुहार लगाई थी। मामला छतरपुर के भाटी माइन स्थित स्कूल में दाखिला न दिए जाने से जुड़ा है।
न्यायमूर्ति राजीव शकधर ने दिल्ली सरकार को तीनों बच्चों को दाखिला देने का निर्देश दिया है। स्कूल ने बच्चों की उम्र ज्यादा बताते हुए उन्हें दाखिला देने से मना कर दिया था। अदालत ने दिल्ली सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया दिल्ली सरकार इन बच्चों को मानवता के आधार पर दाखिला दे।
कोर्ट के समक्ष बच्चों के वकील अशोक अग्रवाल ने कहा कि इसमें कोई मानवता नहीं और सरकार कोई खैराती काम नहीं कर रही है। बच्चों को शिक्षा प्रदान करना सरकार व राज्य की जिम्मेदारी है। पाकिस्तानी शरणार्थी होने के बाद भी शिक्षा उनका अधिकार है।
हाईकोर्ट में पेश याचिका में कहा गया है कि तीन पाकिस्तानी भाई-बहन संजिनी बाई (16), रवि कुमार (17) और मूना कुमारी (18) इस साल अपने माता-पिता के साथ पाकिस्तान छोड़कर भारत आए थे। इन बच्चों के पास पाकिस्तान के एक स्कूल से उनकी पिछली शिक्षा के प्रमाण पत्र मौजूद हैं। यह बच्चे छतरपुर के भाटी माइंस स्थित एक सरकारी स्कूल में नौंवी कक्षा में प्रवेश पाना चाहते हैं लेकिन स्कूल उनकी आयु ज्यादा बताकर दाखिला देने से इनकार कर रहा था।