सुनवाई की अगली तारीख से पहले स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें
कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन मामलों में मुकदमे पर रोक के आदेश पारित किए गए हैं और छह महीने से अधिक समय बीत गया है तो उसे शीघ्रता से निपटाएं। इसके अलावा रजिस्ट्रार जनरल सुनवाई की अगली तारीख से पहले उक्त मामलों की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें।
केंद्र के लिए सॉलिसिटर जनरल की राय को आरटीआई से छूट: हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने सीआईसी के 2011 के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें 2-जी स्पेक्ट्रम के आवंटन पर सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से दायर विभिन्न मामलों में 2007 में भारत के तत्कालीन सॉलिसिटर जनरल की केंद्र को दी राय का खुलासा करने का निर्देश दिया गया था।
अदालत ने माना कि ऐसी जानकारी को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रावधानों के तहत छूट दी गई है, सिवाय इसके कि जब इसका समर्थन करने के लिए मजबूत कारण हों कि इसका खुलासा सार्वजनिक हित में है। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के आदेश को केंद्र की चुनौती से निपटते हुए कहा कि सॉलिसिटर जनरल और भारत सरकार के बीच संबंध एक भरोसेमंद और लाभार्थी का है और इसलिए धारा 8 (1) के तहत इसे छोड़ दिया है। आरटीआई अधिनियम की धारा 8(2) के संदर्भ में राय का खुलासा केवल यदि प्रकटीकरण में सार्वजनिक हित संरक्षित हित को होने वाले नुकसान से अधिक है की अनुमति दी जा सकती है। अदालत ने कहा वर्तमान मामले में चूंकि आरटीआई आवेदक ने सार्वजनिक हित नहीं दिखाया है, इसलिए सीआईसी के आदेश को कायम नहीं रखा जा सकता।