दिल्ली हाईकोर्ट ने फिरोजशाह कोटला मैदान में दिल्ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को सशर्त आईपीएल मैच कराने की इजाजत प्रदान कर दी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम में मैचों के दौरान यदि कोई भी हादसा होता है तो उसके लिए डीडीसीए जिम्मेदार होगा न कि एमसीडी या कोई अन्य संस्था।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति मनमोहन की खंडपीठ ने कहा कि पहले हुए मैचों के आधार पर डीडीसीए को मैच आयोजित करने की इजाजत दी जा रही है लेकिन यह सशर्त होगी।
मैच से पहले करने होंगे ये काम
खंडपीठ ने कहा कि हर बार एक ही शर्त पर इजाजत नहीं दी जा सकती। खंडपीठ ने एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि वे मैच कराने से पहले एक शपथ पत्र दाखिल करें जिसमें स्पष्ट हो कि स्टेडियम में यदि कोई हादसा होता है तो उसके लिए कोई अन्य नहीं मात्र डीडीसीए ही जिम्मेदार होगा।
खंडपीठ ने डीडीसीए को साउथ दिल्ली एमसीडी को 50 लाख रुपये देने का भी निर्देश दिया है। खंडपीठ ने एमसीडी को निर्देश दिया कि वे डीडीसीए को मैच करवाने के लिए प्रोविजनल ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (अस्थाई कब्जा प्रमाणपत्र) प्रदान करें।
खंडपीठ ने कहा यह प्रमाणपत्र देने से पहले डीडीसीए को दिल्ली फायर सर्विस व सहायक इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टर से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर एमसीडी के पास जमा करवाना होगा।
नहीं जमा की लीज फीस
इससे पूर्व डीडीसीए ने याचिका दायर कर एमसीडी द्वारा मैच के लिए एनओसी न दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी प्रोविजनल प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है और अब अंतिम चरण में मैच पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता।
वहीं एमसीडी के वकील सौरांग कंठ ने खंडपीठ को बताया कि डीडीसीए ने मैदान का निर्माण पूरा होने का अभी तक प्रमाण पत्र नहीं लिया है और डीएमसी एक्ट में अस्थाई प्रमाण पत्र देने का कोई प्रावधान नहीं है।
इसके अलावा डीडीसीए पर मैदान की लीज फीस व प्रॉपर्टी टैक्स भी जमा नहीं कराया है।