मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कबाड़ मार्केट की दुकानों और फैक्ट्रियों पर सीलिंग की कार्रवाई आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। भाजपा की दिल्ली ईकाई ने चुनाव कार्यालय को पत्र लिखकर कहा है कि आम आदमी पार्टी के इशारे पर कुछ जगहों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। पत्र में ऐसी कार्रवाई का आचार संहिता के उल्लंघन का नाम देते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन सीईओ ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर कार्रवाई की गई है, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। ब्यूरो
मायापुरी मामले में चुनाव आयोग संज्ञान ले : शीला दीक्षित
मायापुरी मामले में प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा व दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को चुनावी माहौल में व्यापारियों पर इस प्रकार की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई पर संज्ञान लेना चाहिए। इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए क्षेत्र के व्यापारियों के समर्थन और सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा है कि मायापुरी के व्यापारियों के बीच पहुंचना चाहती थीं, मगर पुलिस की ओर से शांति और कानून व्यवस्था का हवाला देने पर उन्होंने कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मायापुरी विवाद के मामले में दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि 13 अप्रैल की सीलिंग की कार्रवाई को दिल्ली सरकार ने गलत तरीके से हैंडल किया, जिसकी वजह से मायापुरी में हिंसा फैली। साथ ही उन्होंने इस मामले से केंद्र सरकार का कोई संबंध न होने की बात कही। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आप सरकार ने पिछले पांच साल में कुछ भी नहीं किया है।
अब जब एनजीटी ने दिल्ली के बिगड़ते हालात पर अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही, तो अधिकारियों में अफरातफरी मच गई और इसी हड़बड़ी में गैर-कानूनी कदम उठाया गया। हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, दिल्ली सरकार का रुख गैर-जिम्मेदाराना है। एनजीटी का निर्देश दिल्ली सरकार के लिए था, केंद्र सरकार के लिए नहीं। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जब चुनाव आचार संहिता लागू है, ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिसमें नागरिकों में नाराजगी व अशांति फैलने का खतरा हो।