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मायापुरी की 800 इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करने का निर्देश

Tue, 16 Apr 2019 05:51 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मायापुरी में मचा बवाल - फोटो : अमर उजाला
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हाईकोर्ट ने मायापुरी स्क्रैप मार्केट मामले में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीसी) के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक मार्केट की 800 इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। डीपीसीसी ने प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया था।

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न्यायमूर्ति विभु बाखरू ने इंदरजीत सिंह मोंटी और अमरीक सिंह चावला समेत 11 लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए डीपीसीसी के आदेश पर 26 अप्रैल तक अंतरिम रोक लगा दी है। इस याचिका पर डीपीसीसी अगली तारीख पर अपना जवाब दाखिल करेगी। तब तक डीपीसीसी व अन्य एजेंसियों को कड़ी कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है।

कोर्ट के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कीर्ति उप्पल के जरिये याचिका दायर कर इन कारोबारियों ने कहा कि डीपीसीसी ने बिना कोई नोटिस दिए ही जुर्माना लगाया और दो अप्रैल 2019 को भुगतान का आदेश भेज दिया। यह पूरी तरह से गलत है, क्योंकि इन कारोबारियों को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया, इसलिए इस आदेश को रद्द किया जाए।
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दूसरी ओर डीपीसीसी के वकील ने कहा कि जुर्माना लगाने में कोई गलती नहीं की गई और इन्हें कई बार प्रदूषण न फैलाने का आदेश दिया गया था। गौरतलब है कि एनजीटी के आदेश पर शनिवार को एमसीडी, डीपीसीसी, जिला प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की थी। इसके विरोध में मायापुरी के गुस्साए लोगों ने पुलिस व अधिकारियों से मारपीट की थी। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा था। इसके बाद नगर निगम ने भी 48 से 72 घंटे में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को बंद करने का आदेश दिया है। 

सीलिंग की कार्रवाई, आचार संहिता का उल्लंघन नहीं 

मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह ने कहा कि मायापुरी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कबाड़ मार्केट की दुकानों और फैक्ट्रियों पर सीलिंग की कार्रवाई आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। भाजपा की दिल्ली ईकाई ने चुनाव कार्यालय को पत्र लिखकर कहा है कि आम आदमी पार्टी के इशारे पर कुछ जगहों पर सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। पत्र में ऐसी कार्रवाई का आचार संहिता के उल्लंघन का नाम देते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन सीईओ ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर कार्रवाई की गई है, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। ब्यूरो

मायापुरी मामले में चुनाव आयोग संज्ञान ले : शीला दीक्षित
मायापुरी मामले में प्रदेश कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा व दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया। पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को चुनावी माहौल में व्यापारियों पर इस प्रकार की बर्बरतापूर्ण कार्रवाई पर संज्ञान लेना चाहिए। इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शीला दीक्षित ने कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए क्षेत्र के व्यापारियों के समर्थन और सहयोग की बात कही। उन्होंने कहा है कि मायापुरी के व्यापारियों के बीच पहुंचना चाहती थीं, मगर पुलिस की ओर से शांति और कानून व्यवस्था का हवाला देने पर उन्होंने कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
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दिल्ली सरकार ने हड़बड़ी में गैर-कानूनी कदम उठाया : पुरी

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मायापुरी विवाद के मामले में दिल्ली सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि 13 अप्रैल की सीलिंग की कार्रवाई को दिल्ली सरकार ने गलत तरीके से हैंडल किया, जिसकी वजह से मायापुरी में हिंसा फैली। साथ ही उन्होंने इस मामले से केंद्र सरकार का कोई संबंध न होने की बात कही। सोमवार को मीडिया से बात करते हुए हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि आप सरकार ने पिछले पांच साल में कुछ भी नहीं किया है।

अब जब एनजीटी ने दिल्ली के बिगड़ते हालात पर अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही, तो अधिकारियों में अफरातफरी मच गई और इसी हड़बड़ी में गैर-कानूनी कदम उठाया गया। हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, दिल्ली सरकार का रुख गैर-जिम्मेदाराना है। एनजीटी का निर्देश दिल्ली सरकार के लिए था, केंद्र सरकार के लिए नहीं। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जब चुनाव आचार संहिता लागू है, ऐसी कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए, जिसमें नागरिकों में नाराजगी व अशांति फैलने का खतरा हो।
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