दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना महामारी के मद्देनजर हाईकोर्ट और सभी निचली अदालतों में लंबित मामलों पर सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 31 अगस्त से बढ़ाकर 31 अक्तूबर कर दी है। इन मामलों में वे सभी मामले शामिल हैं, जिनकी अवधि 31 अगस्त को या उसके बाद समाप्त होने वाली थी।
मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की विशेष पीठ ने अंतरिम आदेशों की अवधि बढ़ाने के साथ ही अंतरिम जमानत या पैरोल पर बाहर व कोविड-19 संक्रमण का शिकार हो सकने वाले लोगों को भी राहत दी है।
पीठ ने कहा कि अगर कोरोना महामारी के दौरान ऐसे लोग आत्मसमर्पण करते हैं, जिनकी अंतरिम जमानत खत्म होने जा रही है, तो इससे जेलों में कैदियों की भीड़ और बढ़ जाएगी, जिससे सामाजिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन नहीं हो सकेगा। अगर ऐसी स्थिति में बाहर से आने वाले कैदियों को जेल में आने की अनुमति दी गई तो जेल में भी कोरोना वायरस संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
इसी के मद्देनजर हाईकोर्ट और जिला अदालतों द्वारा 16 मार्च से पहले या बाद में विचाराधीन कैदियों या दोषियों को दी गई अंतरिम जमानत अथवा पैरोल की अवधि 31 अक्टूबर या अगले आदेश तक बढ़ाई जाती है। पीठ ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामलों को देखते हुए कैदियों और जेल कर्मियों की सुरक्षा के लिहाज से यह निर्णय लिया गया, ताकि कोरोना संक्रमण के मामलों पर नियंत्रण किया जा सके।