हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें आईपीएल में खिलाड़ियों की नीलामी और बिक्री को चुनौती दी गई थी। अदालत ने याचिकाकर्ता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली खंडपीठ ने सुधीर शर्मा की जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन नहीं बल्कि पब्लिसिटी इंटरेस्ट लिटिगेशन है। इसलिए इस याचिका को याची पर जुर्माना लगाते हुए खारिज किया जाता है।
सामाजिक कार्यकर्ता सुधीर शर्मा ने इंडियन प्रीमियर लीग में खिलाड़ियों की नीलामी को चुनौती देते हुए इसे रोकने के लिए मई 2019 में एक जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में सुधीर ने कहा था कि आईपाएल में खिलाड़ियों की बोली लगाना सांविधानिक और वैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।