दिल्ली उच्च न्यायालय ने पंकज लांबा को तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। पंकज लांबा की पत्नी हर्षिता ब्रेला की ब्रिटेन में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। लांबा ने अपनी पत्नी की मृत्यु के बाद उसके माता-पिता की शिकायत पर दर्ज कथित क्रूरता और अन्य आरोपों के मामले में गिरफ्तारी की आशंका के चलते अदालत का रुख किया था।
जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की अवकाश पीठ ने लांबा की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उन्होंने एक मई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें मजिस्ट्रेट द्वारा भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया था। अदालत ने कहा कि यदि लांबा को गिरफ्तार किया जाता है तो वह कानून के तहत उपलब्ध कानूनी उपायों का सहारा ले सकते हैं।
लांबा ने गुरुग्राम के पालम विहार पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में गिरफ्तारी की आशंका जताई थी। अदालत ने कहा कि इस मामले में विभिन्न कानूनी मुद्दे शामिल हैं, इसलिए इसे रोस्टर बेंच द्वारा सुना जाना चाहिए। 18 जून के अपने आदेश में अवकाश पीठ ने कहा, '3 दिसंबर, 2024 को याचिकाकर्ता (लांबा) के खिलाफ आईपीसी की धारा 498ए (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा विवाहित महिला के साथ क्रूरता), 406 (आपराधिक विश्वासघात), और 34 (सामान्य इरादा) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। यह एफआईआर हर्षिता ब्रेला की यूनाइटेड किंगडम में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु के संबंध में दर्ज की गई है।'
अदालत ने आगे कहा कि मामले में विभिन्न कानूनी बिंदुओं पर विचार की आवश्यकता है। यह भी उल्लेख किया गया कि याचिकाकर्ता के पिता पहले से ही हिरासत में हैं। अदालत ने मामले को 15 जुलाई, 2025 को रोस्टर बेंच के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। अदालत ने स्पष्ट किया, 'यदि इस बीच याचिकाकर्ता को गिरफ्तार किया जाता है तो वह कानून के अनुसार अपने कानूनी उपायों का लाभ उठा सकता है।'
हर्षिता ब्रेला का शव लंदन में एक कार से बरामद हुआ था
हर्षिता ब्रेला का शव 14 नवंबर, 2024 को पूर्वी लंदन के इलफोर्ड में ब्रिसबेन रोड पर खड़ी एक कार के बूट से बरामद हुआ था। यह कार लांबा की थी। लांबा के माता-पिता, दर्शन सिंह और सुनील देवी, को 19 मार्च, 2025 को गिरफ्तार किया गया था। ब्रेला के परिवार ने दावा किया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी और लांबा अपनी पत्नी की हत्या के एक दिन बाद भारत भाग गया। ब्रेला के परिवार ने 19 नवंबर, 2024 को पालम विहार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की थी, जिसके आधार पर 3 दिसंबर, 2024 को लांबा और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।