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नए विवाद में 'आप' सरकार: स्वास्थ्य मंत्री के फैसले पर सवाल उठाने वाले डॉक्टरों का तबादला

Tue, 11 Oct 2016 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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सतेन्द्र जैन
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के फैसले पर सवाल खड़े करने वाले नौ चिकित्सकों का तबादला कर दिया गया है। सभी नौ चिकित्सकों का तबादला करने का आदेश केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए हैं।
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जिन चिकित्सकों का तबादला हुआ है उसमें से आठ मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएएमसी) और एक जीटीबी अस्पताल के हैं। फैसले के खिलाफ एमएएमसी ने उपराज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

तबादले का एमएएमसी से संबद्ध अस्पतालों के चिकित्सकों और मेडिकल स्टूडेंट ने विरोध किया और तबादले के फैसले को वापस लेने की अपील की है।

एमएएमसी के ईएनटी विभाग के निदेशक डॉ. पीके राठौर और प्रो. डॉ. विकास मल्होत्रा को सफदरजंग अस्पताल तबादला कर दिया गया है। एमएएमसी के ऑर्थोपेडिक्स विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय गुप्ता का तबादला लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज कर दिया गया है।
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राज्य सरकार नहीं कर सकती ये तबादले

सत्येंद्र जैन
एमएएमसी सर्जरी विभाग के प्रोफेसर निदेशक संजीव कुमार टुडु का स्थानांतरण लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल, एमएएमसी के ही डॉ. एसबी सिंह को सफदरजंग, जीबी पंत अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग के निदेशक प्रो.राजीव उप्पल को सफदरजंग, जीटीबी के एनेस्थीसिया विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ.आर.एस.रॉटिला को सफदरजंग, जीबी पंत के एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर को राम मनोहर लोहिया और एमएएमसी के ऑप्थेलेमोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. पीके पांडे का स्थानांतरण लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज कर दिया गया है।
 
इस फैसले के बाद फैकल्टी एसोसिएशन ऑफ एमएएमसी और संबद्ध अस्पतालों ने विरोध किया है। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉ. एमके डागा ने कहा कि तबादले का निर्णय दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के फैसले पर सवाल उठाने पर लिया गया है। 

इस संबंध में पहले दिल्ली सरकार ने फैसला लिया था लेकिन कैट में जब इसके खिलाफ अर्जी दी गई थी तो यह कहते हुए कैट ने फैसले पर रोक लगा दी थी कि क्योंकि ये चिकित्सक केन्द्रीय हेल्थ सर्विसेज के हैं लिहाजा इनका स्थानांतरण राज्य सरकार नहीं कर सकती। इसके बाद इन चिकित्सकों का स्थानांतरण केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कर दिया है। 
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पहले से ही चिकित्सकों की है कमी

- फोटो : अमर उजाला
फैकल्टी एसोसिएशन का कहना है कि पहले से ही मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों की कमी है बावजूद स्थानांतरण करने का फैसला सिर्फ चिकित्सकों को परेशान करने के उद्देश्य से किया गया है।

डेंगू और चिकनगुनिया मरीजों की संख्या इतनी अधिक है बावजूद यह निर्णय लिया गया। फैकल्टी एसोसिएशन का कहना है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन अपना कार्यालय लोक नायक अस्पताल में खोलना चाहते थे इसका इन चिकित्सकों ने विरोध किया था, जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अपना फैसला पलट दिया था। 
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