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दिल्लीः हर कोरोना संक्रमित को एलएनजेपी में भर्ती नहीं कर सकते, विवाद के बाद बोले सत्येंद्र जैन

Thu, 23 Apr 2020 04:45 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सत्येंद्र जैन - फोटो : एएनआई
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दिल्ली के लोकनायक अस्पताल में एक कोरोना संक्रमित मरीज को भर्ती कराने के लिए बुधवार को जबरदस्त झगड़ा हुआ। इसके कारण अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस बीच एक महिला स्वास्थ्य कर्मी की पीपीई किट तक फाड़ दी। गुरुवार को इसे लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री का बयान सामने आया है। उन्होंने इस बयान पर जवाब दिया कि हर कोरोना मरीज को एलएनजेपी में भर्ती नहीं किया जा सकता है। वह बोले कि हम केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार कार्य कर रहे हैं।

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स्वास्थ्य मंत्री जैन ने कहा कि केंद्र ने कोरोना से निपटने के लिए रणनीति बनाई है, जिसके तहत तीन तरह के सेंटर बनाए गए हैं। पहला है कोविड केयर सेंटर, दूसरा डेडिकेटेड स्वास्थ्य केंद्र, तीसरा है डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल। उन्होंने बताया कि मरीजों की हालत के अनुसार इन लोगों को तीनों में से एक अस्पताल में भर्ती कराया जाता है।

एलएनजेपी अस्पताल में हर मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकता। यहां सिर्फ उन लोगों को रखा जाता है जिनकी हालत गंभीर होती है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल 
हालांकि कल शाम तक पुलिस ने शिकायत न मिलने के कारण मामला दर्ज नहीं किया। वहीं सोशल मीडिया पर झगड़े का पूरा वीडियो वायरल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार दोपहर एक कोरोना संक्रमित मरीज को आरएमएल से लोकनायक अस्पताल भेजा गया था।
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कैट्स एंबुलेंस मरीज को लेकर लोकनायक अस्पताल पहुंची लेकिन यहां डॉक्टरों ने मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया। अस्पताल में बिस्तर न होने का हवाला दिया गया। दिल्ली कैट्स एंबुलेंस की टीम ने यहां तक कहा कि हमें मरीज को छोड़कर आने को कहा गया है और हम यहां छोड़कर ही जाएंगे।

बस यहीं से डॉक्टर व कैट्स कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते नौबत मारपीट तक आ गई। कुछ बाउंसर, गार्ड भी आ गए और उन्होंने हाथापाई शुरू कर दी। इस घटना में कैट्स एंबुलेंस के चालक, महिला स्टाफ को चोट आई।

साथ ही महिला स्टाफ की पीपीई किट भी फाड़ दी गई। यह हंगामा काफी लंबे समय तक चलता रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी दोनों पक्षों को सुना, लेकिन कोई शिकायत न मिलने पर मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया।

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