फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेड कांस्टेबल ने काटा चालान तो बदमाश पहुंचे घर, तोड़फोड़ और फायरिंग के बाद की लूटपाट

Mon, 31 Dec 2018 11:44 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिल्ली के छावला इलाके में बदमाशों ने एक ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल के घर में घुसकर तोड़फोड़ और फायरिंग करने के बाद लूटपाट की। इसकी वजह सिर्फ इतनी थी कि हेड कांस्टेबल ने इनका चालान काटा था।

विज्ञापन


हेड कांस्टेबल की शिकायत पर छावला पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में जानकारी देते हुए डीसीपी अल्फांसो ने बताया कि पीड़ित हेडकांस्टेबल संजय कुमार की तैनाती कापसहेड़ा ट्रैफिक सर्किल में है।

पीड़ित हेड कांस्टेबल अपने परिवार के साथ कुतुब विहार फेज वन गोयला डेरी में रहते हैं। शनिवार को संजय ने कापसहेड़ा इलाके में धुल सिरसपुर गांव के ही रहने वाले प्रताप गोदारा की बाइक का चालान कर दिया था। उसने रेडलाइट जंप कर दिया था जिसके बाद उसकी संजय से बहस भी हुई थी।
विज्ञापन


देख लेने की धमकी देकर प्रताप वहां से चला गया। शनिवार रात जब संजय अपनी ड्यूटी खत्म कर घर जा रहे थे तो प्रताप वहां आ गया और दोबारा संजय से लड़ने लगा। इस बीच वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया तो प्रताप वहां से भाग निकला और बाद में संजय के घर ही पहुंच गया।

विज्ञापन

करीब आधे घंटे तक चला डर बदमाशों का कहर

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 12 बजे प्रताप अपने तीन-चार दोस्तों के साथ संजय के घर जा पहुंचा। पहले उसने पीड़ित हेडकांस्टेबल को अपशब्द कहे फिर अपने साथियों संग मिलकर घर के सामने खड़ी सरकारी बाइक को तोड़फोड़ दिया।

इसके बाद बदमाशों ने फायरिंग की और संजय के घर का दरवाजा तोड़ दिया और बिजली के मीटर को भी तोड़कर लूटपाट की। हमलावरों ने सबूत मिटाने के लिए संजय के पड़ोसी कांस्टेबल राम स्वरूप मीणा के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी तोड़ दिया। इस बीच पीड़ित ने सौ नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के आने से पहले ही हमलावर भाग निकले। 

इलाके में दहशत का माहौल 
हेड कांस्टेबल के घर पर तोड़फोड़ और फायरिंग से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। डर के मारे लोग घरों में दुबक गए । जब मौके पर पुलिस पहुंची, तब जाकर लोगों में हिम्मत आई और वे बाहर निकले।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें