हाईकोर्ट ने जेएनयू प्रशासन को छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार के खिलाफ शुक्रवार तक कोई कड़ी कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। कन्हैया कुमार ने 10 हजार रुपये जुर्माने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
जेएनयू के एक उच्च स्तरीय पैनल ने 2016 में संसद हमलों के दोषी अफजल गुरु से जुड़े कार्यक्रम में भारत विरोधी नारेबाजी के मामले में कन्हैया कुमार पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस याचिका पर अब शुक्रवार को सुनवाई होगी। जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की पीठ के समक्ष कन्हैया कुमार की याचिका पर बुधवार को सुनवाई होनी थी लेकिन वह अवकाश पर थे।
इसलिए याचिका को सुनवाई के लिए जस्टिस रेखा पल्ली के समक्ष भेजा गया था। जस्टिस रेखा पल्ली ने कहा याचिका पर संबंधित पीठ सुनवाई करेगी लेकिन 20 जुलाई तक कन्हैया पर कोई कड़ी कार्रवाई न की जाए।
संसद हमले मामले में मौत की सजा पाने वाले अफजल गुरु की तीसरी बरसी पर जेएनयू में नौ फरवरी 2016 को कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान वहां भारत के विरोध में नारेबाजी हुई थी। इस मामले में अनुशासन कमेटी ने कन्हैया व अन्य छात्रों पर जुर्माना लगाया है।
कमेटी ने उमर खालिद को निष्कासित करने व 13 अन्य छात्रों पर जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी। इस आदेश को छात्रों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दिल्ली पुलिस ने नारेबाजी विवाद में कन्हैया कुमार, उमर खालिद व अनिरबन भट्टाचार्य को फरवरी 2016 में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह सभी आरोपी फिलहाल जमानत पर हैं।