फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव की याचिका खारिज, बीमारी के इलाज के लिए मांगी थी पैरोल

Wed, 26 Aug 2020 08:54 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
विकास यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे विकास यादव की पैरोल की मांग खारिज कर दी है। यादव ने बीमारियों के इलाज के लिए आठ सप्ताह की पैरोल की मांग की थी।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति विभू बाखरु की एकल पीठ ने कहा कि नीतीश कटारा के परिवार वालों की सुरक्षा के मद्देनजर पैरोल की याचिका खारिज की जाती है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विकास यादव के वकील से कहा कि अदालत आपकी याचिका पर इसलिए विचार कर रही है, क्योंकि विकास यादव बहुत लंबे समय से जेल में बंद हैं। 

यादव का जेल में पिछला जो बर्ताव रहा है, उसे देखते हुए कोर्ट यह सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि उसके किसी भी दस्तावेज को लेकर कोई शंका न रहे। इस बीच जेल प्रशासन ने कोर्ट से कहा कि जिन बीमारियों के इलाज के लिए याचिका दायर की गई है, उनकी पुष्टि दिल्ली के किसी अस्पताल से नहीं कराई गई है। 
विज्ञापन


इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह विकास यादव के मेडिकल दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करें। विकास यादव का भाई विशाल यादव भी नीतीश कटारा हत्या मामले में जेल में बंद है। 

उल्लेखलीय है कि तीन अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव की सजा घटाकर 25 साल कैद कर दी थी, जबकि तीसरे दोषी सुखदेव पहलवान की भी सजा घटाकर 20 साल कर दी थी। 
 

विज्ञापन

दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में विकास यादव और विशाल यादव को 25 साल और पांच साल की दो सजा यानि 30 साल कैद की सजा दी थी, जबकि सुखदेव पहलवान को 20 और पांच साल यानि 25 साल की कैद की सजा दी थी।

विकास यादव यूपी के बाहुबली नेता डीपी यादव का बेटा है। विकास यादव और विशाल यादव चचेरे भाई हैं। दोनों नीतीश कटारा की हत्या के दोषी हैं। 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी। 

नीतीश कटारा का विकास यादव की बहन भारती यादव के साथ प्रेम संबंध था। यह प्रेम संबंध यादव परिवार को मंजूर नहीं था, जिसके चलते उसकी हत्या की गई थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें